Aligarh: जेम में तोते की कटी चोंच लेकर घूमता रहा मालिक, फिर दो घंटे में हुआ चमत्कार और जुड़ गई चोंच
मनुष्य द्वारा पाला जाने वाला सबसे पुराना, चतुर और खूबसूरत पक्षी है तोता। उत्तर प्रदेश के अलीगढ से इसी तोते से जुड़ा एक बेहद ही दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसमे पंखे से एक पालतू तोते की चोंच कट गई थी। जिससे वह कुछ खा नहीं पा रहा था। कई डॉक्टरों को दिखाने पर भी इसका इलाज नहीं हो पा रहा था। लेकिन फिर अलीगढ़ के वरिष्ठ पशु शल्य चिकित्सक डॉ विराम वार्ष्णेय ने ऑपरेशन करके उसके चोंच को जोड़ दिया। जिससे तोते को नई जिंदगी मिल गई।
पंखे से कट गई तोते की चोंच
बता दें कि अलीगढ़ के खिरनी गेट निवासी अमन के पास एक पालतू तोता है। करीब 10 दिन पहले तोता अपने पिंजड़े से बाहर निकल गया और कमरे में उड़ने लगा। इस दौरान छत पर लगे पंखे से वह टकरा गया। चोंच कट जाने से तोता कुछ खा नहीं पा रहा था। इसमें उसकी चोंच कट गई। जिसके बाद अमन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। डॉक्टरों ने उसका प्रार्थमिक उपचार तो कर दिया लेकिन चोंच जोड़ने में सफल नहीं हो पाए। इसलिए मजबूरन उसे ड्राप मशीन के सहारे तरल पदार्थ खिलाया जा रहा था।

डॉक्टरों ने किये हाथ खड़े
उधर तोते का प्राथमिक उपचार तो हो गया, लेकिन वह परेशान था, क्योंकि कुछ खा नहीं पा रहा था। तोते की कटी चोंच को लेकर अमन पशु चिकित्सकों के लगातार चक्कर लगाते रहे, लेकिन पशु चिकित्सकों ने चोंच को जोड़ने से मना कर दिया। फिर किसी के बताने पर वह पशु चिकित्सक डॉ. विराम वार्ष्णेय की क्लीनिक पर पहुंचे। डॉ. विराम ने तोते की चोंच को ऑपरेशन से जोड़ने की बात कही।

बस एक डॉक्टर ने चोंच जोड़ने का किया दावा
डॉ. विराम ने बताया कि तोते की चोंच कटने से वह न खाना खा पा रहा था, न हीं उठा पा रहा था। इससे अमन परेशान थे। अमन के पास कटी हुई चोंच रखी हुई थी। फिर अमन की सहमति से डॉक्टर ने तोते का ऑपरेशन शुरू किया। चूंकि एक छोटे से पक्षी का वजन बहुत कम होता है। इसलिए निर्धारित एनस्थीसिया का डोज देना पड़ता है। इसलिए पहला काम तो तोते को एनस्थीसिया की सही डोज देकर बेहोश करना था, जो डॉक्टर ने सफलता पूर्वक कर दिया।

2 घंटे चला ऑपरेशन, जुड़ गई चोंच
इसके बाद डॉक्टर ने तोते का ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला और तोते की चोंच को एकदम सही कर दिया गया। यह इम्प्लांट एसएस (स्टेनलेस स्टील) से जोड़ा गया। दरअसल, तोते की चोंच कैंरेटिन की बनी होती है। वहीं ऑपरेशन के दूसरे दिन के बाद से ही तोता सामान्य तरीके से खाने-पीने लगा। डॉ. विराम ने कहा कि हमें अपने पालतू जानवर का सही से ध्यान रखना चाहिए। लापरवाही बड़ी घटना घट सकती है।












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