राजस्थान: थानाधिकारी मां से भी एक कदम आगे निकली बेटी, आईएएस बनी परी बिश्नोई
अजमेर। किसी माता-पिता के लिए इससे भी बड़ी बात क्या होगी कि उनकी संतान कामयाबी के मामले में उनसे भी एक कदम आगे निकल जाए। यही कर दिखाया है कि राजस्थान की परी बिश्नोई। संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी परीक्षा 2019 का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया। इसमें हरियाणा के सोनीपत के प्रदीप सिंह ने टॉप किया है। राजस्थान के अजमेर के जीआरपी थानाधिकारी सुशीला बिश्नोई की बेटी परी बिश्नोई ने सिविल सर्विस की परीक्षा में 30वां स्थान प्राप्त करके नाम रोशन किया है। परी ने इस मुकाम पर पहुंचने के लिए मां की पुलिस सेवा से प्रभावित होने की बात कही।

कामयाबी में मां का योगदान
परी से मीडिया ने बातचीत की तो उसने बताया कि इस मुकाम पर पहुंचने में सबसे अहम योगदान मां का रहा है। उन्होंने बताया कि मम्मी की पुलिस सेवा को वह लगातार देखती थी और इससे ही प्रभावित होकर उसने आईएएस बनने का सपना संजोया था। परी बिश्नोई ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान कई बार वह फेल भी हुई और हताश हो गई थी, लेकिन परिवार ने उसे हिम्मत बंधाई जिसकी बदौलत आज वह यहां पहुंच पाई है। परी ने अपील की है कि कोई भी फेल होने से नहीं घबराएं।

दिल्ली में रहकर तैयारी की
सुशीला बिश्नोई ने कहा कि बेटियां बहुत प्यारी होती है। उनके दो बेटियां है। दोनों ही बेटियों को नाज से पाला। परी पर भी कभी किसी तरह का दबाव नहीं डाला, बल्कि जो वह करना चाहती थी। उसमें उसका साथ दिया। परी ने सेंट मैरीज कान्वेंट से अपनी स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद वह दिल्ली यूनिर्वसिटी चली गई थी और वहीं रहकर उसने सिविल सेवा की तैयारी की।

हरियाणा के प्रदीप सिंह रहे टॉपर
संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2019 का अंतिम रिजल्ट जारी किया। हरियाणा के सोनीपत के प्रदीप सिंह ने टॉपर रहे हैं। दूसरे स्थान जतिन किशोर रहे हैं। तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा ने बाजी मारी है। प्रतिभा महिला वर्ग में टॉपर रही हैं।

दौसा की सगी बहनों का भी चयन
यूपीएससी परीक्षा 2019 में राजस्थान के दौसा जिले की दो सगी बहनों का भी चयन हुआ है। अनामिका मीणा को 116वीं और अंजलि मीणा को 494वीं रैंक मिली है। ये दोनों दौसा जिले के गांव खेड़ी रामला की रहने वाली हैं। इनके पिता रमेश चंद्र मीणा तमिलनाडु कैडर के आईएएस हैं।












Click it and Unblock the Notifications