लॉकडाउन पालन करा रही पुलिस पर बरसाए पत्थर, आंसू गैस के गोले दागकर किए उपद्रवी काबू
अहमदाबाद। शहर के शाहपुर इलाके में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस पर हमला हो गया। एक वर्ग ने शांतिभंग करते हुए पत्थर मारे। पुलिस ने शांति स्थापित करने के लिए आंसू गैस का सहारा लिया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी बुलाए गए, तब जाकर हालत काबू हुए। पुलिस ने काफी लोगों को मौके से दबोचा और वाहनों में डाल-डालकर थाने ले गई।

वहीं, अहमदाबाद के गोटा इलाके में लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी करते हुए करीब 2,000 प्रवासी मजदूर एक सरकारी कार्यालय के बाहर जमा हो गए। कुछ अफवाहों के चलते सुबह से मजदूरों की भीड़ उमड़ने लगी। एक शख्स ने बताया कि, हमें कहा गया था कि प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशन ले जाने वाली एक बस सरकारी कार्यालय के बाहर खड़ी है, इसलिए जिसे जाना है वो वहां चला जाए। फिर, क्या था देखते ही देखते प्रवासी लोगों का हुजूम गोटा पुल के पास उपजिलाधिकारी के कार्यालय के बाहर आ जुटा। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाना-बुझाना शुरू किया। पुलिस ने कहा कि वे इस उम्मीद में यहां एकत्र हुए कि, उन्हें किसी तरह उनके गृह प्रदेशों में लौटने का रास्ता भी मिल जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में जमा होने वाले ज्यादातर श्रमिक उत्तर प्रदेश और बिहार के थे। लॉकडाउन के बीच अपने गृह प्रदेशों को लौटने के इच्छुक प्रवासियों को ऑनलाइन आवेदन देना है। वे ऑफलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं, जिसे उन्हें जिलाधिकारी के तहत किसी निर्देशित कार्यालय में जमा कराना होगा। पुलिस के सहायक आयुक्त एम. ए. पटेल ने कहा, "उपजिलाधिकारी का यह कार्यालय भी ऐसे आवेदन स्वीकार करता है। जिन प्रवासियों को मंजूरी दी गई है उनसे पहले यहां आने को कहा गया था, ताकि उन्हें बसों में रेलवे स्टेशन छोड़ा जा सके।"

उन्होंने यह भी कहा कि मंजूरी प्राप्त श्रमिकों को फिर ट्रेन में बिठाकर उनके पैतृक स्थानों के लिए रवाना किया जाता। इसी तरह से यह व्यवस्था काम करती है।"












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