13,000 करोड़ से ज्यादा की आय घोषित करने वाला ऑटो से आता था ऑफिस, नहीं दिए पड़ोसी से लिए 12,000 उधार
गुजरात के जिस कारोबारी महेश शाह ने इसी साल 30 सिंतबर को 13,860 करोड़ रुपए के आय की घोषणा की थी वो अब फरार हो गया है। उसके बारे में सीए ने बताया कि वो ऑटो से ऑफिस आता था।
नई दिल्ली। गुजरात का 67 वर्षीय कारोबारी महेश शाह जिसने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (IDS)के तहत आखिरी दिन नाटकीय ढंग से इसी वर्ष 30 सितंबर को 13,860 करोड़ रुपए को बतौर अघोषित आय का खुलासा किया था वो फरार हो गया है।
उसके दफ्तर और घर पर शुक्रवार (2 दिसंबर) को आयकर विभाग ने छापा मारा।
साथ ही उनकी ओर से घोषित की गई आय को 'कालाधन' घोषित कर दिया गया क्योंकि उसने 30 नवंबर तक घोषित की गई आय पर टैक्स की पहली किश्त 975 करोड़ रुपए जमा नहीं कराए थे।

रहस्यमयी है महेश शाह का जीवन!
हालांकि जिस रहस्यमयी तरीके से महेश गायब हुए हैं, उतनी ही रहस्यमयी उनकी जिन्दगी भी है।
जब महेश ने 13,860 करोड़ रुपए की आय की घोषणा की थी तो वो देश के अमीर लोगों की सूची में आ गए थे लेकिन उसके चार्टर्ड एकाउंटेंट तेहमूल सेठना बताते हैं कि वो अपने दफ्तर ऑटो रिक्शा से आता था।
महेश ने 13,860 करोड़ रुपए के अघोषित आय की घोषणा तो की लेकिन बीते वर्षों में जमा कराए गए आईटी-रिटर्न्स में उसने अपनी सालाना आय 2-3 लाख रुपए ही दिखाए हैं।
महेश के बारे में उसके सीए सेठना ने यह भी बताया कि वो जमीन का सौदा करता था। उसका संपर्क कई बड़े लोगों से है। बकौल सेठना महेश उनके रेग्युलर क्लाइंट नहीं हैं और वो उसे 2013 से जानते हैं।
हम तो कभी सोच ही नहीं सकते थे कि...
महेश, पश्चिमी अबमदाबाद स्थित जोधपुर के सैटेलाइट एरिया स्थित मंगल ज्योत अपार्टमेंट के 4 बीएचके के एक फ्लैट में रहते है।
महेश के पड़ोस में रहने वाले लोग जो उसे जानते थे, उनका कहना है कि वो ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते थे कि उसके पास इत बड़ी मात्रा में नकदी होगी।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार महेश इतना ने कैश रखने के बाद भी अपने दोस्तों के 12,000 रुपए नहीं लौटाए।
मेरे 12,000 रुपए लौटाए ही नहीं
एक पड़ोसी ने कहा कि कुछ समय पहले शाह ने उससे 12,000 रुपए उधार लिए थे, लेकिन उसे वापस नहीं किया।एक चाय बेचने वाले शख्स ने कहा कि शाह मेरे यहां चाय पीता था, बड़ी मुश्किल से मैं उससे अपना उधार वापस ले पाया था।
इन सब के बावजूद एक बड़ी विडम्बना यह भी है कि महेश को जानने वाले कुछ अन्य लोगों ने बताया कि वो जब कभी भी उससे बात करते थे, तो महेश करोड़ों में ही बात करता था।
एक स्थानीय निवासी के मुताबिक महेश बिल्डरों और राजनीतिक लोगों से खास तौर से जुड़ा हुआ था। उसके फ्लैट के बाहर हमेशा महंगी कारें खड़ी रहती थी। बताया जा रहा है कि महेश ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं।












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