Gujarat IB Report: भाजपा ने अगर नहीं किया ये काम तो लोकसभा चुनाव में हो सकता है भारी नुकसान
अहमदाबाद/गांधीनगर। गुजरात के इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक रिपोर्ट सामने आई है कि अगर गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर भाजपा को नया चेहरा नहीं मिला, तो फिर से उतनी सीटें न मिलने का खतरा बढ़ सकता है। हाल के 26 सांसद में से 50 फीसदी सांसद ने उनके संसदीय क्षेत्र में जो काम किए हैं उनसे जनता खुश नहीं है। कई सांसद ऐसे हैं जो क्षेत्र में मतदाताओं के बीच गए ही नहीं। नेताओं से यदि मतदाता खुश नहीं हो सकते, तो उन्हें अगले चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। प्रदेश के कई जगहों पर एंटी-इनकंबेंसी की आहट सुनाई देती है।

कहीं जीत पक्की तो कहीं डांवाडोल वाली स्थिति
भाजपा के संगठन के आंतरिक सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि पार्टी को सौराष्ट्र और उत्तरी इलाकों की सीटों में भारी नुकसान हो सकता है। आईबी के रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भाजपा के पास ऐसी 10 सीटें हैं जहां कैंडिडेट नहीं बदल पाएंगे, क्योंकि इस चुनाव में उनके जीतने की संभावना अधिक है। ये सीटें मुख्य रूप से अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और वडोदरा से हैं। बीजेपी को उत्तर और मध्य गुजरात की सीटों में आमूल परिवर्तन करना पड़ेगा। हालांकि मोदी सरकार राजकोट में एम्स देने के लिए बड़ा फैसला ले सकती है।

चुनाव के लिए कुछ कैंडिडेट बदलना चाहिए
इस तथ्य के मद्देनजर कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में सीटों की बढ़ोतरी की है, और माना जाता है कि उसे 10 से 12 सीटें मिलेंगी। भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि 'लोकसभा चुनाव में 26 कैंडिडेट में से केवल 10 ही जीत सकते हैं। पार्टी को 26 सीटें जीतने के लिए 16 सीटों के कैंडिडेट बदलने चाहिए ताकि लक्ष्य के मुताबिक सीटें हासिल की जा सकें।'

कांग्रेस की सीटों में हो सकता है इजाफा
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने के लिए हमारी पार्टी कांग्रेस के मजबूत कैंडिडेट को भाजपा में शामिल करती है तो पार्टी के लिए ये स्टेप विनाशकारी माना जाता है। ऐसा करने से बीजेपी की छवि खराब होगी। भाजपा में कई युवा कार्यकर्ता एसे हैं कि वह उनके इलाके में मजबूत हैं और चुनाव भी जीत सकते हैं। पार्टी के युवा नेताओं को लोकसभा में भेजना चाहिए।












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