कोरोना से ठीक हुए लोग ‘गुलियन बेरी सिंड्रोम‘ की चपेट में आ रहे, गुजरात में 10 मरीजों को लकवा मारा
guillain barre syndrome covid 19 updates, अहमदाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों पर नए तरह की मुसीबत टूट पड़ी है। गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में अब तक 10 ऐसे मरीज मिले हैं जिनके हाथ-पैर लकवाग्रस्त हो गए हैं। डॉक्टरों समेत कई विशेषज्ञ इस तरह की समस्या का अध्ययन कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि, उपरोक्त मरीजों में 'गुलियन बेरी सिंड्रोम' के लक्षण पाए गए हैं। इसी के चलते उनके हाथ-पैरों को लकवा मारा। संवाददाता ने बताया कि, कोरोना से ठीक हुए मरीजों के शरीर पर ही इस तरह के सिंड्रोम का असर देखा जा रहा है।

डॉक्टर्स के मुताबिक, गुलियन बेरी सिंड्रोम पूरे शरीर में तेजी से फैल जाता है। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. जेपी मोदी के अनुसार, सिविल अस्पताल में ऐसे 10 मरीज इलाज करवा रहे हैं। ये सभी मरीज कुछ समय पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। हालांकि, यह पुराना रोग है। आमतौर पर यह बीमारी उन्हीं मरीजों को होती है, जो या तो कमजोर हैं या फिर उन्होंने हाल ही में लंबा इलाज लिया हो। कोरोना वायरस के दौरान इसका फैलना चिंता की बात है, क्योंकि इस तरह की महामारी में टोसिलिजूमेब और रेमडेसिवीर इंजेक्शन के चलते इम्युनिटी कमजोर हो जाती है।

डॉ. जेपी मोदी ने आगे कहा- ''स्वप्रतिरक्षित रोग में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इससे शरीर में कमजोरी आने लगती है, जबकि हाथों और पैरों में झुनझुनी होने लगती है। समय के साथ 'गुलियन बेरी सिंड्रोम' का विकार पूरे शरीर में फैल जाता हैं। शुरुआत में इस रोग से श्वसन और सांस संबंधी परेशानियां होती हैं। इसके बाद पूरा शरीर पेरेलाइज्ड हो जाता है।" ऐसे में सिर्फ अहमदाबाद से ही 10 मरीजों के पेरेलाइज्ड होने के कारण हड़कंप मच गया है।












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