आगरा: तूफान के कहर से तीन की मौत, मृतकों को यूपी सरकार से 4-4 लाख की आर्थिक मदद
आगरा। उत्तर प्रदेश का आगरा एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित है वहीं शुक्रवार को आंधी-बारिश ने जिले में भारी तबाही मचा दी। 124 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई और ओलों के साथ तेज बारिश हुई जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है। इस तबाही में तीन लोगों की मौत हुई है। पशु-पक्षी भी मृत मिले हैं। साथ ही कई मकान गिर गए। 200 से ज्यादा पेड़ों के धराशायी होने की सूचना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

आगरा में कुदरत के कहर से 10 से ज्यादा मकान गिर गए। इसमें एक बच्ची समेत तीन लोगों के मरने की खबर है। आंधी-बारिश में कई लोग घायल हो गए हैं। आंधी से आगरा-जयपुर हाईवे पर 50 से ज्यादा पेड़ गिरे। तारों पर पेड़ों के गिरने से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। आंधी में मोबाइल टावरों को भी नुकसान पहुंचा है। ओलों से मकानों के शीशे टूट गए। आंधी-तूफान के बीच लोग घरों में छुपे रहे। इसमें कई पशु-पक्षी भी मृत पाए गए हैं।

बटेश्वर व चंबल के गांवों में ग्रामीणों को परिंदे मरे पड़े मिले। फतेहाबाद क्षेत्र में ट्रांसफर्मर व पेड़ गिरने से दो भैंसें मर गईं। ओला गिरने से खेती और बागवानी को भी भारी क्षति पहुंची है। पेड़ों में लगे आम व जनपद में बाजरा की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सब्जियों की खेती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

जनपद के एडीएम फाइनांस योगेंद्र कुमार ने बताया है कि आगरा में आंधी-तूफान से तीन लोगों की मौत हुई है वहीं 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। 12 से ज्यादा पशुओं की मौत हुई है। राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। वहीं जिन लोगों के मकान गिरे हैं, फसलों व अन्य नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व विभाग की टीम आंकलन में लगी है। जनपद में हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है।

ताजमहल को आंधी में भारी नुकसान
आगरा में आंधी से ताजमहल के मुख्य मकबरे की रेलिंग टूटकर गिर गई। ताजमहल के अंदर कई जगह पत्थर टूट-टूटकर गिरे। नुकसान का निरीक्षण करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वक्षण की महानिदेशक वी विद्यावती आगरा पहुंचीं।












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