बन रहे फर्जी आयुष्मान कार्ड, फर्जीवाड़े के बाद 993 केंद्रों पर लगाई रोक
आगरा। 50 करोड़ लोगों को 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा मुफ्त देने वाली प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निजी अस्पतालों और कार्ड बांटने वाले कॉमन सर्विस सेंटर की सांठगांठ से सरकार को बड़ा चूना लग रहा है। योजना को लागू करने वाली नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की एंटी फ्रॉड यूनिट से मिली चेतावनी के अनुसार फर्जी कार्ड बांटने के लिए जिम्मेदार कॉमन सर्विस सेंटर को रद्द कर दिया गया वहीं इनके संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना धोखाधड़ी और घोटाले की चपेट में आती हुई दिख रही है। इस योजना के तहत फर्जी कार्ड बनाने वाले 993 केंद्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के आगरा के सभी 900 और पीलीभीत के तीन केंद्र हैं। दरअसल लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की एंटी फ्रॉड यूनिट ने इन मामलों का पता लगाया है। जब इस बारे में आगरा के सीएमओ से बात की गई तो उनका कहना था कि 900 सीएससी की आयुष्मान योजन संबंधी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। वहीं एक सीएससी की सभी सेवाएं समाप्त कर दी गयी हैं।

एफआईआर संबंधित आदेश फिलहाल प्राप्त नहीं हुया है। आपको बता दें कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है और मरीज आयुष्मान योजना के पात्र हैल या अपात्र, इसका निर्धारण सीएससी द्वारा किया जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब आगरा जिले के सभी 900 सीएससी पर रोक लगा दी गयी है तो कैसे मरीज आयुष्मान योजना का लाभ ले पाएंगे।












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