आगरा में कोरोना वायरस के बढ़ते केस बने योगी सरकार की चिंता, हटाए गए CMO मुकेश वत्स
आगरा। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3467 पहुंच गया है। सबसे ज्यादा आगरा में 756 केस सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा में कोरोना के बेकाबू होने के बाद सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स को हटा दिया है। उनकी जगह अब ये जिम्मेदारी डॉ. आरसी पांडे संभालेंगे। बता दें, ताजनगरी में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को लेकर राजनीति भी जमकर हो रही है। डीएम के साथ सीएमओ को इसका जिम्मेदार ठहराने के साथ इन्हें हटाने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा, मेरठ व कानपुर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है।
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आगरा में कोरोना के 44 हॉटस्पॉट
आगरा में रविवार को कोरोना संक्रमित के 9 नए मामले सामने आए, जिसके बाद आगरा में कोरोना का आंकड़ा 752 पहुंच गया है। 4 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद अब तक 25 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, आज आधा दर्जन के लगभग कोरोना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिसके बाद कोरोना संक्रमित के ठीक होने वाले वालों की संख्या 326 हो चुकी है, जबकि अब कुल वर्तमान में कोरोना संक्रमित के 401 मरीज है, जिनका इलाज किया जा रहा है। आगरा डीएम पीएम सिंह द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना हॉटस्पॉट की संख्या 44 है।

मुख्यमंत्री ने आगरा, मेरठ और कानपुर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आगरा, मेरठ व कानपुर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आगरा में प्रमुख सचिव अवस्थापना व औद्योगिक विकास आलोक कुमार और आईजी विजय कुमार की तैनाती की गई है। इनके साथ स्वास्थ्य विभाग के भी दो-दो वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से कोई भी व्यक्ति पैदल न चले, हर हाल में पलायन को रोका जाए।

पूल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के साथ ही पूल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से संवाद बनाए रखा जाए। सभी जिलों में वेंटीलेटर्स को तैयार किया जाए। एनेस्थीशिया डॉक्टरों की लिस्ट भी बना ली जाए। उन्हें ट्रेनिंग देकर वेंटीलेटर्स संचालित कराए जाएं। उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं का संचालन स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार करने के निर्देश दिए।












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