'ताकि भैंस न जाए पानी में...', यमुना नदी किनारे तैनात होंगे बाउंसर, जानिए क्यों लेना पड़ा फैसला?
UP Agra News: यमुना नदी में हो रहे प्रदूषण को लेकर अब सख्ती अपनाई जा रही है। अब यमुना नदी में भैंस ना प्रवेश करें जिसके लिए बाउंसर तैनात किए जाएंगे। अभी तक यमुना नदी में भैंस लेकर पहुंचने वाले पशुपालकों कर्मचारियों से मारपीट कर लेते थे।
लेकिन अब तैनात किए गए बाउंसर नदी के किनारे भैंस को नदी के पानी में प्रवेश करने से रोकेंगे तथा जो भी पशुपालक उनकी बात नहीं मानेगा उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। बताया जा रहा है कि नगर निगम आउटसोर्सिंग के माध्यम से इन बाउंसर की तैनाती करेगी।

अभी केवल 15 बाउंसर तैनात किए जाएंगे इसमें दो महिला बाउंसर भी शामिल हैं। यदि सब कुछ सही रहता है तो बाउंसर की संख्या बढ़ाई जाएगी और मवेशियों को यमुना नदी में प्रवेश करने से रोका जाएगा।
यह भी बताया जा रहा है की भैंस के अलावा यमुना नदी में किसी भी प्रकार की गंदगी करने वालों के खिलाफ भी आउटसोर्सिंग पर तैनात बाउंसर के द्वारा निगाह रखी जाएगी। नदी किनारे शौच करने वालों को भी हिदायत दी जाएगी।
यह अभी बता दें कि इसके पहले ही यमुना नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नदी में भैंसों के नहाने कपड़े धोने और कूड़ा कचरा डालने पर रोक लगा दी गई थी। रोग लगाए जाने के बाद आगरा नगर निगम द्वारा इसकी निगरानी शुरू की गई।
नगर निगम में तैनात कर्मचारियों द्वारा नदी में नहाने वाली भैंसों को पकड़ा जाने लगा। भैंसों को पकड़ने के बाद 5000 रुपए का जुर्माना भरने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता रहा लेकिन धीरे-धीरे पशुपालक नगर निगम कर्मचारी पर भारी पड़ने लगे।
ऐसे में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा जब भी कार्रवाई की जाती तो पशुपालक नगर निगम कर्मचारियों से मारपीट करने पर उतारू हो जाते। पशुपालकों द्वारा नगर निगम कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी के किनारे आउटसोर्सिंग पर बाउंसर तैनात करने की योजना बनाई गई है।












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