अमेरिकी महिला ने ताज नगरी को संवारने का वीणा उठाया
आगरा। आगरा के ताजमहल की सुन्दरता उसकी भव्यता के दीवानों की कमी नहीं है। संसार के सात अजूबों में शामिल ये ताजम हल दुनिया भर के पर्यटकों को अप नी ओर खींचता है। कुछ आते है इसका दीदार कर चले जाते है, लेकिन कुछ विदेशी पर्यटक को ताज अपना दीवाना बना लेता है और वो इसे छोड़कर कहीं जाने को तैयार नहीं हैते।
ताज की एक ऐसी ही दीवानी है। अमेरिका के न्यूयार्क शहर से आई एरिन ह्वाइट। 30 साल की एरिन ह्वाइट आई तो ताज का दीदार करने थी, लेकिन इसकी खूबसूरती ने उसे यहीं का बना दिया। 30 साल की महिला ताज नगरी से इतनी प्रभावित हुई कि ये यहीं रहकर इसे संवारना चाहती है। पेशे से अब साइकोलॉजिस्ट और योग प्रशिक्षिका एरिन ह्वाइट ने यहीं रहकर इस नगरी को संवारने का निर्णय लिया है।

गुलाबी साड़ी पहने एरिन ह्वाइट ने आईएएनएस से कहा, "इस शहर को थोड़ा प्रोत्साहन और बढ़ावा देने की जरूरत है। समाज को नए नेताओं की जरूरत है, जो लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित करें।"ह्वाइट ने कहा कि वह अब आगरा में ही रहना चाहती हैं, 60 साल की उम्र तक या उससे भी ज्यादा जब तक शरीर साथ दे।
ह्वाइट एक सामाजिक कार्य में हिस्सा लेने के लिए यहां आई थीं, अब उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों का शहर के प्रति नजरिया बदलने का निश्चय किया है। उन्होंने कहा, "शहर में इतनी गंदगी है कि कोई एक रात के लिए भी यहां नहीं रुकना चाहता। यहां लोगों को जागरूक करने और स्वच्छता का महत्व, स्वास्थ्य और दूसरों की संवेदनशीलता के बारे में समझाने की जरूरत है। उसके लिए लोगों के बीच जाकर उनका भरोसा पाना होगा।"
उन्होंने कहा, "अभी हमारा पांच लोगों का समूह है, हम और लोगों को समूह में शामिल करेंगे, जो लोगों के बीच संवादहीनता को समाप्त करने का काम करेंगे।"ह्वाइट चाहती हैं कि आगरा में न सिर्फ साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण और हरियाली हो बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी शहर उन्नति करे।
ह्वाइट का मंत्र है 'खोज, प्रेरणा एवं सुरक्षा'। वह अपने अभियान के लिए समाज को बदलने का माद्दा रखने वाले नायकों की खोज में जुटी हैं।
उन्होंने कहा, "समाज को एक आदर्श की जरूरत है। एक लोकतांत्रिक समाज के विकास के लिए प्रेरणा देने वाले नायकों की जरूरत होती है। नकारात्मकता को खत्म करने के लिए महान गाथाओं की जरूरत होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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