मनमोहन सिंह रूपये के डॉक्टर हैं, इंसानों के नहीं: नरेंद्र मोदी
रायपुर। अंबिकापुर में आज जनता को संबोधित करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए अपने भाषण की शुरूआत की और कहा कि राजग के शासन काल में छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों का गठन आसानी से कर दिया गया, ये भाजपा के कार्य करने के तरीके को दर्शाता है। वहीं तेलंगाना के गठन के बाद आंध्रप्रदेश में कर्फ्यू लगाने की नौबत आ गयी है।
कांग्रेस के निंदा करते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का अहंकार सातवें आसमान पर है। केंद्र सरकार देश के नागरिकों को एक वोट बैंक के रूप में देखती है, एक इंसान के रूप में नहीं। जिसके कारण ही आम आदमी की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि रमन सिंह ने दिल्ली सरकार के सामने हाथ फैलाने की अपेक्षा खुद ही कार्य करना बेहतर समझा और प्रदेश के युवाओं के विकास के लिए काम किये। उन्होने दिल्ली की सरकार के सामने हाथ नहीं फैलाये और राज्य में जो पहले से ही मौजूद था उसके आधार पर विकास के लिए खुद की काम करने का एक मुश्किल रास्ता चुना।
मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली के पास भी एक सिंह है और छत्तीसगढ़ में भी एक सिंह है। दोनों को ही दस साल हो गये हैं, रमन सिंह इंसानों के डॉक्टर है और मनमोहन सिंह रूपये के, अंतर साफ है अब रूपया अस्पताल में है। मोदी ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जिनके सहारे भविष्य के सपने देखती है, उन्हें हर मुश्किल और हर परेशानी से बचाती है, उन्हें छिपा कर रखती है, फिर भी उनकी आवाज बाहर आ जाती है। पिछले दिनों उन्होने कहा कि गरीबी सिर्फ एक 'स्टेट आफ माइंड' है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के भविष्य को गरीबी मुश्किल नहीं बल्कि एक मानसिक अवस्था दिखती है। मतलब साफ है कि उन्हें नहीं पता है कि गरीबी क्या होती है।? उनके इस तरह के विचारों से उनकी नानी इंदिरा गांधी को कितनी पीड़ा हुई होगी, जिन्होने भारत की गरीबी हटाने के लिए बड़े अभियान चलाये।
मोदी ने कहा कि जब देश की जनता महंगाई और गरीबी से जूझ रही है, तब योजना आयोग के अनुसार 32 रूपये कमाने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है, बताया जाता है, कोई कहता है कि पांच रूपये में भर पेट खाना खा सकते हैं तो कोई और भी कम में, सच तो यह है कि यह सिर्फ गरीब का मजाक ही बना रहे हैं और गरीब के जख्मों पर नमक मल रहे हैं। आज पूरे देश का नेतृत्व करने वाले को गरीब की थाली की कीमत का अंदाजा नहीं है।
उन्होने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील करते हुए कहा है कि अब राज्य को अलग हुए 13 साल हो गये हैं, ऐसे में अगले पांच साल काफी महत्वपूर्ण है। आपको चाहिए कि आप रमन सिंह पर फिर से भरोसा करें, जिससे अगले पांच साल राज्य को और मजबूती मिल सके और आप तो जानते ही हैं कि अगर 18 साल तक किसी इंसान को अच्छी परवरिश मिले तो उसे 60- 70 सालों तक कोई बीमारी नहीं हो सकती है।
इसके पहले राजनाथ सिंह ने जनता को सम्बोधित किया और फूड सिक्योरिटी बिल की कमियां गिनाई और कहा कि सरकार ने वादा किया था कि 100 दिन के अंदर महंगाई को कम कर देंगे पर अब तो साढ़े चार साल हो गये हैं। अभी तक यह सरकार कुछ नहीं कर सकी है।













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