चमत्‍कार: '28 साल के पिता को 58 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि'

रेवाड़ी। हेडिंग पढ़कर आपको आश्‍चर्य हो रहा होगा कि ऐसा कैसे संभव है लेकिन ऐसा सच है। यह घटना रेवाड़ी (हरियाणा) की है, जहां 58 साल के बेटे रामचंदर ने अपने पिता जगमाल सिंह जिनकी 28 साल की उम्र में 7 फरवरी 1968 को हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी ढक्‍का ग्‍लेशियर में भारतीय वायुसेना के विमान के दुर्घटनाग्रस्‍त हो जाने से मृत्‍यु हो गयी थी। उनकी चिता को मुखाग्नि दी। जगमाल का शव पिछले 45 सालों से ग्‍लेशियर में दबा हुआ था, जिसे सेना ने हाल ही में बरामद किया। शव को उनके परिवार को सौंप दिया गया।

शहीद का दर्जा दिया जाए

जगपाल की नातिन ने बताया कि मेरी नानी( जगपाल की पत्‍नी) हमेशा उनकी तस्‍वीर के सामने दिया जलाकर उनकी याद किया करती थी और हमेशा उनसे मिलने की कामना किया करती थी। नातिन का कहना है कि हम चाहते हैं कि नाना (जगपाल) को शहीद का दर्जा दिया जाये और उनके परिवार को वो सारी सुविधाएं दी जाएं, जो शहीद के परिवार को मिलती हैं। जगपाल के अंतिम दर्शन करने वाले उनके पुत्र और पुत्री भावुक हो गये और कहा कि काश आज मां जिंदा होती।

Soldier cremated after 45 years in Rewari

इस विषय पर भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष रामविलास शर्मा ने कहा कि इतने वक्‍त बाद जगपाल का शव मिलना एक चमत्‍कार है, हम सरकार से अपील करते हैं कि उनको और उनके परिवार को वही सम्‍मान और आर्थिक सहायता मिले जो कि कारगिल के शहीदों को मिलती है।

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