रूपये की कमजोरी पर मनमोहन ने बहाये आंसू, कहा जल्द सुधरेंगे हालात
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज रूपये की कमजोर होती हालत के लिए कई कारण गिनाये, जिसमें सीरिया संकट और कई घरेलू कारकों का जिक्र किया। मनमोहन ने कहा कि सिर्फ रूपया की वैल्यू ही नहीं कम हो रही है बल्कि अन्य मुद्राएं भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही हैं। हम बढ़ते चालू घाटे को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे आने वाले दो महीनों में फर्क नजर आएगा और रूपया मजबूत होगा साथ ही उन्होने आस बंधाते हुए कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है, हम इस आर्थिक मुश्किल से जल्द ही बाहर निकलेंगे।
मनमोहन सिंह ने कहा कि मानसून अच्छा होने से विकास दर बढ़ने के आसार हैं वहीं उन्होने सोने के आयात पर कटौती करने की भी बात कही। उन्होने विपक्ष द्वारा रूपये के अवमूल्यन पर जतायी गयी चिंता को जायज ठहराते हुए कहा कि इसके बाहरी कारकों में अमेरिकी की मौद्रिक नीति में बदलाव, सीरिया संकट और तेल के बढ़ते हुए दाम हैं।

इसके अलावा राज्य सभा में इसी मुद्दे पर हुए हंगामें पर उन्होने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि देश इस समय मुश्किल हालातों का सामना कर रहा है लेकिन इससे बचने के लिए जो भी कदम उठाये जा रहे हैं, उनका प्रभाव दिखने में थोड़ा वक्त लगेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि रूपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले अब 69 के आसपास पहुंच गयी है, वहीं आर्थिक विकास दर भी पिछले दस वर्षों के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गयी है, जिससे सरकार की कार्यप्राणाली और योजनाओं पर सवाल उठाये जा रहे हैं।












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