इस बार म्यांमार ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की

हालांकि होलेफई गांव के लोगों ने म्यांमार की इस हिमाकत का विरोध किया, उन्हें इस का अंदेशा था कि अगर सेना ने यहां बाड़ लगा दी तो भारतीय सीमा का क्षरण हो सकता है। केंद्र सरकार ने इसे घुसपैठ मानने से इनकार कर दिया और कहा कि इस तरह की गतिविधियां म्यांमार सीमा के अंदर ही हुई थी। जिसके बारे में हमने म्यांमार सरकार से बात की हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार म्यांमार की सेना ने बाड़ लगाने के बाद टेंट लगाने की तैयारी पूरी कर ली थी।
मामले में असम राइफल्स ने केंद्र सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह घुसपैठ नहीं थी। दरअसल हमने उन्हें प्लाटून बनाने के लिए पिलर संख्या 76 के पास लगे पेड़ों की कटाई करने से रोंक दिया था क्योंकि इसका अभी सीमांकन नहीं हुआ है। इसी मामले में सोमवार को राज्य के एक उच्च अधिकार प्राप्त समूह ने क्षेत्र का दौरा किया था। वहीं मणिपुर के राज्यपाल अश्विनी कुमार ने भी क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों से मिलकर स्थिति की जानकारी ली।
इसके पहले चीन ने कई बार भारत के लद्दाख क्षेत्र और अरूणाचल प्रदेश में घुसपैठ की जिसके बाद भारत सरकार की कमजोरी की पूरे देश में निंदा की गई।












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