मोदी ने दी मनमोहन को चुनौती, कल मेरे भाषण पर भी होगी देश की नजर
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। कल स्वतंत्रता दिवस है। पूरा देश लाल किले से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भाषण सुनेगा। मगर कल जनता को एक नहीं दो भाषण सुनने को मिलेंगे। एक भुज के लालन कॉलेज से और दूसरा लाल किले से। एक भाषण गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का होगा तो दूसरा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। इसके बाद देश मोदी और मनमोहन के भाषण की तुलना करेगा। तुलना होगी वादा बनाम काम पर। तुलना होगी निराशा बनाम आशा पर। जी हां ये बात हम नहीं बल्कि खुद नरेन्द्र मोदी ने कहा है।
नरेन्द्र मोदी ने मनमोहन सिंह को खुली चौनौती दी है और कहा है कि कल पूरा देश की नजर मेरे भाषण पर होगी। मोदी ने अपने भाषण में पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या किसी ने सोचा था कि रण में से डॉलर उग सकता है? पीएम भले ही आपके पेड़ पर पैसे नहीं उगते, लेकन हम रण में डॉलर उगाते हैं। ये रण पहले से था, उन्हें नहीं दिखा, लेकिन मुझे दिखा। दिव्य गुजरात के निर्माण के लिए हम सब काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस हफ्ते में यह दूसरे मौका है जब मोदी ने मनमोहन सिंह को खुली चुनौती दी है।

इससे पहले, खाद्य सुरक्षा बिल का विरोध करते हुए उन्होंने सोमवार को पीएम चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद कल मीडिया के सामने आकर एक बार पीएम पर हमला बोल दिया था। मोदी के ताजा बयान को पीएम पद के लेकर उनकी महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। मोदी बार-बार यूपीए नेतृत्व को कमजोर और विफल बताने में जुटे हैं और खुद की ब्रांडिंग एक सशक्त और वादों को पूरा करने वाला नेता की तरह कर रहे हैं। मोदी ने अपने भाषण में पीएम पर निशाना साधते हुए कहा, 'क्या किसी ने सोचा था कि रण में से डॉलर उग सकता है? पीएम भले ही आपके पेड़ पर पैसे नहीं उगते, लेकन हम रण में डॉलर उगाते हैं। ये रण पहले से था, उन्हें नहीं दिखा, लेकिन मुझे दिखा। दिव्य गुजरात के निर्माण के लिए हम सब काम कर रहे हैं।'












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