संसद तक पहुंची किश्तवाड़ हिंसा की आग
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य सदस्यों के हंगामे की वजह से दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अशोक खेमका के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा पर जमीन सौदे मामले में लगाए गए आरोप और जम्मू के किश्तवाड़ शहर में हुए दंगे के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।
लोकसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही भाजपा सांसद खेमका द्वारा हरियाणा में जमीन लाइसेंस घोटाला और गुड़गांव में जमीन सौदे मामले में वाड्रा पर फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप लगाने के मामले में प्रदर्शन करने लगे। इस बीच, वामपंथी सांसदों ने केरल के सौर ऊर्जा घोटाले का मुद्दा उठाया। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस शोरशराबे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इधर, राज्यसभा में भी यही नजारा दिखा जहां तेलुगू देशम पार्टी (तेदपा) के सांसद संयुक्त आंध्र प्रदेश की मांग करने लगे और वामपंथी सांसदों ने केरल के सौर ऊर्जा घोटाला मामले में नारेबाजी की जिसमें सरिता नायर और उनके लिव इन पार्टनर बिजु राधाकृष्णन ने कई लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की थी। इन्होंने ग्राहकों को भारी छूट के साथ सौर ऊर्जा उपकरण की पेशकश की थी।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने जब विपक्ष के नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ मामले में बयान देने की अनुमति दी तभी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य इस पर बोलने लगे। जेटली को रविवार को किश्तवाड़ में प्रवेश करने से रोक दिया गया था, यहां शुक्रवार से सांप्रदायिक हिंसा जारी है जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। अंसारी के लगातार किए जा रहे अनुरोध के बावजूद सदन की कार्यवाही सुचारू नहीं हो सकी और इसे पहले 15 मिनट और फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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