हैदराबाद रैली: इनोवेशन में मास्टर हैं नरेंद्र मोदी
हैदराबाद। पिछले कई दशकों से देखा जा रहा है कि राजनीतिक पार्टियां रैली में भीड़ जुटाने के लिये पैसा, भोजन, कंबल, शराब, आदि देकर लोगों को आकर्षित करते हैं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब जनता खुद पैसे देकर रैली में आयी। इसका सीधा श्रेय जाता है नरेंद्र मोदी को। आखिर क्या खास है नरेंद्र मोदी में जो लोग उनकी ओर खिंचे चले आते हैं। अगर रविवार को हैदराबाद में उनका भाषण सुना है या उससे पहले अगर आप मोदी को सुन चुके हैं, तो इसका उत्तर आपके पास जरूर होगा और वो है इनोवेशन।
जी हां गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा के चुनावी अभियान के लीडर नरेंद्र मोदी इनोवेशन में मास्टर हैं। वो जहां जाते हैं, वहां की बात जरूर करते हैं। अब रविवार की रैली की ही ले लीजिये। मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश समुद्र से लगा है, गुजरात भी और केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आदि भी। अगर सभी तटीय राज्यों की एक मीटिंग बुलायी जाये और एक्सपोर्ट के बिजनेस को बल दिया जाये, तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रुपया की गिरती कीमत को बचाया जा सकता है।
उन्होंने इस बीच केंद्र सरकार को जमकर कोसा, यह तो सभी करते हैं, लेकिन जिन तथ्यों के साथ कोसा, वो काबिल-ए-तारीफ हैं। मोदी ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर एक्सपोर्ट के व्यापार को ऊपर उठाने के लिये मीटिंग बुलाने की बात कही थी, लेकिन पीएम मनमोहन सिंह ने इस बात को जरा भी तवज्जो नहीं दी। खैर मनमोहन किसके इशारे पर काम करते हैं, इससे हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन मोदी किस दिशा में काम कर रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है।
मोदी ने अपने भाषण में चीन, पाकिस्तान, तेलंगाना, बुरे आर्थिक हालातों पर नजर डाली। चलिये यहां भी हम कह सकते हैं, कि इसमें नई बात कौन सी है, लेकिन बांग्लादेश का मुद्दा उठाने वाले सिर्फ मोदी ही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर अभी तक किसी ने भी केंद्र की नीति का विरोध नहीं किया। जबकि सच पूछिए तो अगर बांग्लादेश बॉर्डर पर सख्ती नहीं बरती गई, तो हमारे देश को आतंकवादी से बचाना मुश्किल हो जायेगा।
सच पूछिए तो मोदी की एक-एक बात गौर करने वाली है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि मोदी के बोलने से क्या होता है, वो सरकार तो नहीं, तो हम आपको बता दें कि देश के युवा अब इस उम्मीद की ओर सिर उठाकर देख रहे हैं। आप भले ही पिछली बातों को लेकर लीख पीटते रहें, लेकिन युवा वही करेंगे, जो उनका मन करेगा।

सभी से की मुलाकात
सार्वजनिक सभा को संबोधित करने आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार को समाज के विभिन्न तबके के लोगों ने मुलाकात की। पिछड़ा वर्ग और दलित समूहों के नेता और कुछ सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने यहां एक होटल में मोदी से मुलाकात की।

मोदी ने की तेलंगाना पर चर्चा
जिन लोगों ने मोदी से मुलाकात की उनमें पूर्व गृह सचिव के. पद्मनाभैया, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल वी. रामा राव, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी गोपीनाथ रेड्डी और मशहूर हृदयरोग विशेषज्ञ शामिल थे। बयान में कहा गया है, "बातचीत में आंध्र प्रदेश की मौजूदा स्थिति से लेकर समाज के विभिन्न तबकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।" आंध्र प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के अध्यक्ष आर. कृष्णया और मादिगा आरक्षण पोराआ समिति (एमआरपीएस) के नेता मंडा कृष्ण माडिगा ने भी मोदी से मुलाकात की।

बंगारु लक्ष्मण से मुलाकात
कृष्णया ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मोदी से पिछड़ा वर्ग को विधायी निकाय में 50 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराने के लिए कदम उठाने को कहा। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण ने भी मोदी से मुलाकात की। मोदी का हवाई अड्डे पर स्वागत करने वालों में अभिनेता से नेता बने कृष्णम राजू भी शामिल थे। गुजराती समुदाय और हैदराबाद में आ बसे उत्तर भारतीय समुदाय के नेताओं ने भी मोदी से मुलाकात की।

अरुण जेटली मामले पर मोदी नाराज
नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंसाग्रस्त किश्तवाड़ कस्बे में विपक्षी नेताओं को न जाने देना अलोकतांत्रिक है। मोदी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है, "सुना है कि अरुण जेटली और अन्य विपक्षी नेताओं को किश्तवाड़ जाने नहीं दिया गया। यह अलोकतांत्रिक है।" उन्होंने कहा, "विपक्षी नेताओं को इस तरह रोके जाने से लगता है कि सरकार किश्तवाड़ हिंसा के बारे में सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहती है।"

मोदी के लिये उमड़ी भीड़
नरेंद्र मोदी को देखने के लिये हैदराबाद के स्टेडियम में भारी भीड़ उमड़ी। लोगों में एक उत्साह दिखाई दे रहा था, जब मोदी ने अपना भाषण शुरू किया। भीड़ में ज्यादातर लोग युवा वर्ग के थे। महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी।












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