भारत सरकार ने ना-पाक पड़ोसी को दी क्लीन चिट, आतंकी थे हमलावर
नई दिल्ली। भारत के नापाक पड़ोसी पाकिस्तान ने सरहद पर जो बर्बरता दिखायी है, उस पर देश में जहां गुस्सा उबल रहा है, वहीं सरकार ने एक झटके में पड़ोसी देश का पक्ष ले लिया। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि सरहद पर गोलीबारी करने आये सैनिक पाकिस्तानी वर्दी में थे। इस बात को पाक ने पकड़ लिया और बीती शाम यह बयान जारी किया कि बॉर्डर पर उनके सैनिकों ने कोई गोलीबारी नहीं की।
इससे बड़े अफसोस की बात नहीं हो सकती कि देश के रक्षा मंत्री बाकायदा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह कहें कि पुंछ में भारतीय जवानों पर हमला करने वालों में कुछ आतंकवादी पाकिस्तानी वर्दी में थे। एके एंटनी के इस बयान में जहां पाकिस्तानी सैनिकों की जगह आतंकवादियों के होने की आशंका जाहिर की गई, ने एक बार फिर यूपीए सरकार के खिलाफ सवाल खड़े कर दिये हैं। इस मामले को बुधवार को नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने उन प्रेसविज्ञप्तियों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
जनता यह जानना चाहती है कि सीमा पर जवानों की हत्याओं को रोकने के लिये सरकार क्या कर रही है। वहीं सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी भाजपा ने तो यहां तक कह दिया कि पड़ोसी मुल्क से दोस्ती का अब कोई फायदा नहीं। बेहतर होगा कि उनके साथ सभी प्रकार की वार्ता रोक दी जायें।
भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी के आवास पर मंगलवार को प्रदर्शन कर अपना विरोध भी दर्ज कराया। भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले जवानों के सिर काट लेने की घटना घट चुकी है। हम सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की जेल में हत्या किए जाने का सामना कर चुके हैं। हमने सीमा पार से आतंकवाद की कई घटनाओं का सामना कर चुके हैं। पाकिस्तान को यह बताने के लिए कि यह मंजूर नहीं किया जा सकता, भारत को अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करने की जरूरत है। कड़ाई से जवाब देने का समय आ गया है।"
जेटली ने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"

जवानों के शव पुंछ हेडक्वार्टर लाये गये
जम्मू एवं कश्मीर में पाकिस्तानी सेना के घुसपैठ के बाद भारतीय सेना के गश्तीदल पर सोमवार आधी रात के बाद किए गए हमले में पांच जवान शहीद हो गए। यह जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है। पाकिस्तान ने हालांकि, इन आरोपों से इंकार किया है। जम्मू के पूंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के चकन-दा-बाग सेक्टर में सोमवार देर रात एक बजे हुए इस हमले में छठा सैनिक घायल हो गया है।

सैनिकों ने छह सदस्यीय गश्तीदल पर हमला किया
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने छह सदस्यीय गश्तीदल पर हमला किया और एक जूनियर कमिशन्ड अधिकारी सहित चार जवानों की हत्या कर दी। यह हमला नियंत्रण रेखा के पार भारतीय सीमा में 400 मीटर अंदर हुआ। एक सूत्र ने कहा, "घायल जवान को विशेष उपचार के लिए विमान द्वारा जम्मू लाया गया है। हत्या के बाद पाकिस्तानी सैनिक अपनी सीमा में वापस लौट गए।"

एक जवान का सिर धड़ से गायब था
इस साल जनवरी महीने में भी नियंत्रण रेखा के मेंढर सेक्टर में दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी गई थी। जिनमें से एक जवान का सिर धड़ से गायब था और दूसरे का शव क्षतविक्षत था। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शहीद के परिवार वालों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।

2003 से ही नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम घोषित
भारत और पाकिस्तान ने 2003 से ही नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम घोषित कर रखा है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध नहीं हुआ है। लेकिन कभी-कभी दोनों सेनाओं के बीच गोलीबारी होती है। दोनों समय-समय पर एक दूसरे पर सीमा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं।

ए.के. एंटनी के आवास पर मंगलवार को प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप चक्कां-दा-बाग सेक्टर में बीती मध्य रात्रि को हुए हमले के खिलाफ रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी के आवास पर मंगलवार को प्रदर्शन किया।

रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद'
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए। सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ। लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।"

भारत के कड़े रुख की मांग
भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की। नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।" हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"

एंटनी ने कहा
लोकसभा में एक बयान में एंटनी ने कहा, "मैं सदन को आश्वस्त करता हूं कि हमारी सेना नियंत्रण रेखा की पवित्रता कायम रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को पूरी तरह तैयार है।"












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