साढ़े 3 करोड़ पौधों से हरा-भरा हुआ उत्तर प्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अभियान ने अच्छी रफ्तार पकड़ ली है। अब तक कुल 3.60 करोड़ पौधों का रोपण हो चुका है। यह आंकड़ा प्रदेश के निर्धारित पौधरोपण के लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है। आंकड़ों के मुताबिक, इसमें वन विभाग द्वारा 49,500 हेक्टेयर क्षेत्र में से 43,640 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जा चुका है। वन विभाग द्वारा अब तक 330.047 लाख पौधे रोपित किए जा चुके हैं।
इटावा के फिशर फारेस्ट में पांच-पांच हेक्टयर में ग्रिड बनाकर उनमें एक ही प्रजाति के पौधों का रोपण किया जा रहा है, जो भविष्य में क्षेत्र को हरा-भरा बनाए रखेगा। इस क्षेत्र में विशेष रूप से चिह्न्ति प्रजातियां जैसे नीम, बरगद, पीपल, पाकड़, इमली, बेल, कदंब आदि के रोपण को प्राथमिकता दी जा रही है। फिशर फॉरेस्ट में 1,000 एकड़ में इको रेस्टोरेशन कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 1,16,150 पौधों का रोपण किया जा चुका है। मुख्य वन संरक्षक सुखजिंदर सिंह ने आईपीएन को बताया कि यह प्रयास देश में पहली बार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 58 जनपदों में 50 एकड़/100 एकड़ योजना में अब तक 9.06 लाख पौधों का रोपण हो चुका है जो कि लक्ष्य के सापेक्ष 81 प्रतिशत है।

प्रदेश में इस वर्ष 2013-14 में 67,600 हेक्टेयर क्षेत्र में 4,39,40,000 पौधे रोपित किया जाना प्रस्तावित है। इस पैधरोपण लक्ष्य में वन विभाग द्वारा 49,500 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,21,75,000 पौध एवं अन्य राजकीय विभाग यथा ग्राम्य विकास, ऊर्जा, औद्योगिक विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, सिंचाई, लोक निर्माण, सहकारिता, भूमि एवं जल संसाधन, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा व बेसिक शिक्षा द्वारा 18,100 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,17,65,000 पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
अन्य विभागों को पौधरोपण के आवंटित लक्ष्यों की पूर्ति की मॉनीटरिंग करने के लिए इस वर्ष प्रदेश में प्रत्येक विभाग में पौधरोपण के लिए एक नोडल अधिकारी शासन द्वारा नामित किया गया है।
अन्य विभागों को पौधरोपण लक्ष्यों की पूर्ति का अनुश्रवण करने के लिए शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों की एक बैठक की जा चुकी है तथा इनमें समन्वय के लिए विभाग द्वारा संपर्क भी किया गया है। इसके अतिरिक्त अब तक 50 से अधिक जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पौधरोपण समिति की बैठक जुलाई माह में हो आयोजित हो चुकी है। इसके फलस्वरूप इस सप्ताह अन्य विभागों द्वारा किए गए पौधरोपण कार्य में प्रगति आई है। इस क्रम में अन्य विभागों द्वारा अब तक 30.31 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
खास बात है कि इस बार पौधरोपण कार्यक्रम 2013-14 में रोपित किए जाने वाले पौधरोपण में स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुकूल पौध रोपित की जा रहे हैं। रोपित की जाने वाली पौध प्रजातियों में शीशम, नीम, अमलतास, गुलमोहर, जेकरेंडा, सिरस, कंजी, आम, छितवन, बरगद, पीपल, पाकड़, मौलश्री, कचनार, कदंब, इमली, बेल, महुआ व इमली सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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