11 सितंबर से शुरु होगा केदारनाथ मंदिर में विधवत पूजा
देहरादून। उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित केदारनाथ मंदिर में 11 सितंबर से परंपरागत पूजा शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व मंदिर की देखरेख करने वाली केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद पूजा की तिथि निर्धारित की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 11 सितंबर को नाग पंचमी है इसलिए वह पवित्र दिन है। इलाके में 16 जून को आई बाढ़ के बाद यहां बंद हुई पूजा दोबारा शुरू करने के लिए वह दिन उपयुक्त है क्योंकि उस दिन सितारे सही स्थिति में होंगे।
राज्य में बाढ़ उस वक्त आई जब केदारनाथ व तीन अन्य प्राचीन मंदिरों की चार धाम की यात्रा करने के लिए यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। आपदा में मंदिर के गर्भगृह में कई फिट कीचड़ व मलबा इकट्ठा हो गया था। बाढ़ में यहां सैकड़ों लोग मारे गए। उत्तराखंड के पहाड़ों में भी कई लोग मारे गए। राज्य में अब भी 5,000 से ज्यादा लोग लापता है।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिगों में से 11वां ज्योतिर्लिग केदारनाथ मंदिर में ही है। इस मंदिर को हजारों वर्ष पुराना बताया जाता है। बाढ़ में जहां यह पूरा क्षेत्र बुरी तरह तबाह हो गया, वहीं मंदिर का ज्यादातर हिस्सा इस स्थिति में भी अप्रभावित खड़ा रहा। केदारनाथ व आधार शिविर गौरीकुंड के बीच का 14 किलोमीटर लंबा रास्ता अब भी खराब है और वहां पहुंचना संभव नहीं है। मंदिर समिति के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि पूजा शुरू होने तक मलबा हटा दिया जाएगा।
पूर्व में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि केदारनाथ मंदिर में 'पूजा' वर्तमान में चल रहे सावन महीने में शुरू होगी। खराब मौसम के कारण इसकी तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर को मलबा हटाकर जहां दुरुस्त कर लिया गया है, वहीं गौरीकुंड से यहां तक आने वाले मार्ग को व्यवस्थित करने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो साल तक इस मंदिर के लिए तीर्थ यात्रा शुरू नहीं हो सकेगी।












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