कांग्रेसी मंत्रियों ने कहा, प्लीज मनमोहन जी आंध्र प्रदेश को विभाजित न करें
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र से सम्बंध रखने वाले कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से शनिवार को मुलाकात की और आंध्र प्रदेश का विभाजन न करने का आग्रह किया। राज्य से तेलंगाना को पृथक करने के बारे में कांग्रेस कोर ग्रुप की शुक्रवार को हुई बैठक में सैद्धांतिक सहमति के संकेतों को देखते हुए नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे राज्य को अखंड रखने का निवेदन किया।
प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री के सांबाशिवा राव, पल्लम राजू, के. चिरंजीवी, डी पुरंदेश्वरी और सीमांध्र के कुछ सांसाद शामिल थे। राज्य के दोनों क्षेत्र तेलंगाना का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में पहले से ही डेरा डाले आंध्र प्रदेश के सीमांध्र क्षेत्र के मंत्रियों ने सांबाशिवा राव के आवास पर राज्य का विभाजन टालने की रणनीति अपनाने के लिए बैठक की। राज्य के मंत्रियों के गुट का नेतृत्व करने वाले एस. शैलजानाथ ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने सांबाशिवा राव से आंध्र प्रदेश को अखंड रखने के बारे में उनके विचार से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराने का आग्रह किया है।

शुक्रवार शाम कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा था कि पार्टी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के फैसले की प्रतीक्षा कीजिए। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की अगले सप्ताह होने जा रही बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि कोर ग्रुप ने राज्य को बांटने का फैसला ले लिया है, लेकिन अभी भी हैदराबाद के भविष्य सहित अन्य मुद्दों पर काम चल रहा है। कोर ग्रुप की बैठक के बाद दिग्विजय सिंह और पार्टी में आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी रह चुके केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण के साथ अलग से बैठक की।












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