Salute: एसपी साहब बने अनाथ दुल्हन के 'पिता', पुलिसवाले घराती

Banda SP become fater of orphan bride
बांदा। बुंदेलखंड में आमतौर पर यह धारणा प्रचलित है कि ‘पुलिस अपने बाप की भी नहीं होती।' लेकिन, यहां तो एक पुलिस अधिकारी अनाथ दुल्हन का 'बाप' बना और अपने मातहतों से चंदा करवाकर धूमधाम से शादी भी रचवा दी। बांदा के एसपी उदय शंकर जायसवाल ने यह जिम्मेदारी संभालकर कर समाज के सामने पुलिस का जो मानवीय चेहरा पेश किया, वह पुलिस की बिगड़ चुकी छबि सुधारने का एक तरीका भी हो सकता है।

वैसे उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में आए दिन पुलिस की बर्बरता और मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं सामने आती रहती हैं, इसी बीच पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी सामने आया है, जिसमें बांदा के पुलिस अधीक्षक गोखरही गांव की एक अनाथ बेटी के हाथ पीले करवाने में न केवल अपने मातहतों से चंदा करवाकर धूमधाम से शादी करवाई, बल्कि बिन बाप की दुल्हन के खुद ‘बाप' बन रस्में पूरी करवा वर-वधू को आशीर्वाद भी दिया है।

हुआ यों कि गोखरही गांव के किसान राम सिंह की मौत पिछले करीब 16 साल पहले हो चुकी थी, उसकी एकलौती बेटी रीतू उस समय हमज 10 साल की थी। मृत किसान के पास खुद का आशियाना भी नहीं था, सो उसकी विधवा विमला सरकारी जमीन पर घास-फूस की झोपड़ी बना कर बेटी के साथ जिंदगी के सोलह साल गुजारे। इधर, बेटी की उम्र 26 साल की हुई तो उसे उसकी शादी चिंता सताने लगी। गांव के लोगों ने उसकी चिंता से कुरसेजा पीठ के महंत परमेश्वरदास को अवगत कराया, इसी बीच तिंदवारी थाना के थानाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक ने पुलिस अधीक्षक बांदा उदय शंकर जायसवाल को बताया तो समूचा पुलिस विभाग ही उसकी मदद में हाथ उठा दिया। फिर क्या था, रविवार को घाटमपुर क्षेत्र के गांव जैतीपुर का युवक विकास दूल्हा बन दुल्हन के दरवाजे आया तो बारातियों की खातिरदारी में पुलिस के कई अधिकारी जुट गए। इतना ही नहीं, बुंदेली परम्परा के अनुरूप दुल्हन की बिदाई के समय तक पुलिस अधीक्षक जायसवाल दुल्हन के पिता की भूमिका निभाते रहे।

गांव के ग्राम प्रधान गया प्रसाद तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों के अलावा इस असहाय बेटी की शादी में पुलिस अधिकारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है, ऐसा पहली मर्तबा हुआ जब पुलिस किसी गरीब के काम आयी है। दुल्हन की मां विमला कहती है, "हम लोग पुलिस का नाम सुन कर डरा करते थे, लेकिन मेरी बेटी की शादी में जिस तरह पुलिस ने चंदा कर सहयोग किया, उससे यहीं लगता है कि वर्दी में भी ‘इंसानियत' है।" पुलिस अधीक्षक जायसवाल कहते हैं, "इस पुण्य कार्य करने के लिए आत्मा ने प्रेरित किया, सो करा दिया है।" वह यह भी कहते हैं कि ‘हमारी पुलिस इस तरह के सामाजिक कार्यों में हिस्सा ले तो जनता का भरोसा आसानी से जीता जा सकता है।' इस शादी में पुलिस की तरफ से अहम भूमिका निभाने वाले थानाध्यक्ष तिंदवारी अब्दुल रज्जाक थे, वह कहते हैं, "रमजान के पवित्र महीने में असहाय बेटी की शादी में हाथ बंटा कर वह बेहद खुश हैं, अल्लाह की दुआ से गरीब बेटी के हाथ पीले हो गए।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+