कोयला घोटाले की रिपोर्ट सरकार से साझा करना चाहती है सीबीआई

यह सब ऐसे समय है जब सुप्रीम कोर्ट ने ही कोयला घोटाले की रिपोर्ट को सरकार से साझा करने पर सीबीआई को लताड़ लगाई थी और इसे पिंजरे में बंद तोता करार दिया था। जिसके बाद सरकार ने एजेंसी की आजादी के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट इस मामले पर 10 जुलाई को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने 8 मई को आदेश दिया था कि घोटाले की जांच रिपोर्ट को एजेंसी सरकार से साझा न करे।
सीबीआई ने अर्जी में हवाला दिया है कि दिल्ली पुलिस स्टैब्लिशमेंट एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत मामलों की जांच के लिए राज्य और केंद्र सरकारों से अनुमति ली जाती है और सीबीआई भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के तहत सीवीसी के अन्तर्गत आती है। ऐसे में एजेंसी के क्षेत्राधिकार सीमित हैं। कुछ मामलों में सीबीआई को सरकार की मंजूरी लेनी पड़ती है। वहीं जांच पूरी होने के बाद मामले पर वकीलों से भी सूचना साझा करना होता है। अत: सीबीआई का कहना है कि हम चाहते हैं कि सु्प्रीम कोर्ट हमें मामले को सरकार से साझा करने की अनुमति दे।
इसके बाद यह कहा जा रहा है कि सीबीआई खुद भी नहीं चाहती है कि वह सरकारी नियंत्रण से मुक्त रहकर जांच करें, मामले पर सुनवाई कल की जाएगी।












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