राजा भैया और उनकी पत्नी पर धोखाधड़ी का मुकदमा
लखनऊ (ब्यूरो)। पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह अब नए विवाद में फंस गए हैं। इस बार उनके पूर्व जनसंपर्क अधिकारी ने अलीगंज थाने में उनके व उनकी पत्नी सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में एक निजी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को भी नामजद कराया गया है। आरोप है कि आर्थिक अपराध के लिए पूर्व जनसंपर्क अधिकारी के चेक पर जाली हस्ताक्षर कर निजी बैंक में फर्जी खाता खुलवाया गया था।
मामले की जांच में पुलिस के साथ एसटीएफ को भी लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक यह मुकदमा 25 जून को दर्ज किया गया है।

अलीगंज पुलिस ने ग्राम गोतनी थाना मानिकपुर कुंडा प्रतापगढ़ निवासी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के जनसंपर्क अधिकारी रहे राजीव कुमार यादव की तहरीर के आधार पर पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी भावनी कुमार, रोहित कुमार सिंह, उनकी पत्नी मोनिका सिंह तथा पुरनिया स्थित निजी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक वशी उल्लाह सरवर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। बताया गया कि राजीव कुमार यादव वर्ष 2004 से वर्ष 2008 के मध्य पूर्व मंत्री
रघुराज प्रताप सिंह के जनसंपर्क अधिकारी थे।।
आइजी एसटीएफ आशीष गुप्ता के मुताबिक राजीव का आरोप है कि उनकी पासबुक व चेकबुक रघुराज प्रताप व उनकी पत्नी के पा थी। रघुराज प्रताप की पत्नी एक निजी बैंक में बतौर एडवाइजर कार्यरत थीं, जिनका काम रोहित सिंह व उनकी पत्नी देखती थीं। राजीव का आरोप है कि उनकी चेक बुक
से एक चेक निकालकर उस पर उनके जाली हस्ताक्षर किए गए।
11 हजार रुपये की इस चेक के जरिए ही पुरनिया, अलीगंज स्थित एक निजी बैंक की शाखा में राजीव के नाम से फर्जी खाता खुलवाया गया था। आरोप है कि आर्थिक
अपराध के लिए यह कृत्य किया गया तथा खाते का संचालन किया जाता रहा। राजीव का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार इसके लिए पूर्व मंत्री से संपर्क किया पर उनका कोई सहयोग नहीं किया गया तथा न ही उनकी कोई बात सुनी गई।
इधर एसओ अलीगंज तौफीक खान का कहना है कि राजीव ने मई में एक प्रार्थना पत्र थाने पर दिया था, जिसकी जांच पूर्व पुरनिया चौकी प्रभारी को दी गई थी। बाद में राजीव उनसे मिले और जांच से संतुष्ट न होने की बात कही। तब उन्होंने तत्कालीन पुरनिया चौकी प्रभारी को जांच सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।












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