बंद रहेंगे केदारनाथ के कपाट, सीएम ने कहा मुमकिन नहीं यात्रा
नयी दिल्ली। उत्तराखंड में आसमानी तबाही ने आफद मचा दी है। सैकड़ों लोग मारे गए है। हजारों लोग फंसे हुए है तो कई हजार लोग अब भी लापता है। सबसे ज्यादा नुकसान केदारनाथ में हुआ है। मंदिर छोड़कर सब कुछ खत्म हो गया है। मंदिर के गर्भगृह में भी मलबा जमा हो गया है।
मलबा और हुए नुकसान को देखते हए कहा जा रह है कि केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू करने से दो से तीन साल का वक्त लग सकता है। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक केदारनाथ में इतनी भीषण तबाही हुई है कि फिर से यात्रा शुरू करने के लिए 2 से 3 साल तक लगातार काम करना होगा।

ऐसे में दोबारा यात्रा शुरू करने में दो से तीन साल का वक्त लग सकता है। वहीं रास्तें बह जाने के कारण कई इलाकों में राहत-बचाव कार्य नहीं पहुंच पाया है। माना जा रहा है कि इन जगहों पर राहत और बचाव टीम को पहुंचने में ही दो-तीन हफ्ते लग जाएंगे। बादल फटने के बाद केदारनाथ मंदिर भी आधा मलबे में समा गया है. पूरे इलाके में मलबा और पानी बिखरा हुआ है। लोगों के घर कीचड़ में दब गए है। अबतक वहां से करीब पचास शव निकाले जा चुके हैं।
पिछले 48 घंटों से लगातार केदारनाथ में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सेना के जवान हेलीकॉप्टर से लोगों को बचाने में जुटे हुए है. रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अफसरों का कहना है कि ऐसी तबाही पहले कभी नहीं देखी गई. अब तक यहां से करीब 500 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।वायुसेना ने ऑपरेशन 'राहत' शुरू कर दिया है। वायुसेना ने यमुनानगर, केदारनाथ-बद्रीनाथ क्षेत्र, रूद्रप्रयाग घाटी, करचम-पुह क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू कर दिया है।












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