कांग्रेस के लिए शुभ संकेत हैं मानसून
लखनऊ (नवीन निगम)। कोई कुछ भी कहे लेकिन मेरा मानना है कि कांग्रेस किस्मत की धनी हैं। अब देखिए अगले साल लोकसभा के चुनाव है और कांग्रेस पार्टी के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है कि इस साल मानसून समय से बहुत पहले और काफी अच्छी बारिश लेकर आया है। समय पूर्व आए मानसून ने जहां किसानों को राहत दी वहीं खरीफ फसलों का उत्पादन बढऩे की उम्मीद है।
मानसून की मेहरबानी बनी रही तो धान उपज में करीब 14 लाख टन का इजाफा होने का अनुमान है। मक्का, बाजरा व ज्वार की पैदावार भी गत वर्ष से अधिक होगी। ऐसी स्थिति में अगले साल चुनाव तक बाजार की कीमतें कम हो चुकी होगी और महंगाई कम होने के साथ-साथ किसान भी खुश होगा। मंहगाई कम होगी तो शहरों में रहने वाला कांग्रेस से नाराज मध्यम वर्ग भी खुश होगा और गांव में रहने वाला किसान भी।

लोग जल्दी पुरानी बातों को भूल जाते है, भारत में पांच की सरकार को चुनाव से पहले छह महीने पर ही वोट पड़ते हैं। यदि सब कुछ ठीक चला तो यह मानसून की बरसात कांग्रेस के लिए लाभकारी सिद्ध होने वाली हैं। गत वर्ष मानसून उप्र में देर से पहुंचा और पहली मानसूनी वर्षा 15 जुलाई को दर्ज की गई थी। वर्षा में देरी से धान
की बुआई प्रभावित हुई और नर्सरी भी खराब हो गयी थी।
नतीजतन लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई नहीं हो सकती थी। सिंचाई के अभाव में खरीफ की अन्य फसलों का भी कमोबेश यही हाल रहा। बुआई कम क्षेत्र में और देर से होने के कारण खरीफ उत्पादन टारगेट से काफी पीछे रहा। इसी कारण देश में महंगाई बढ़ी और किसानों को नुकसान हुआ और वह अपने कर्ज वापस नहीं कर सके। समय से बुआई हो जाने पर ही बेहतर उत्पादन की उम्मीद हो सकती है। समय से वर्षा होने के कारण किसानों को पलेवा करने की जरूरत नहीं होगी। धान के अलावा मक्का, बाजरा, ज्वार की बुआई भी जल्द ही कर सकेंगे।
गत वर्ष धान बुआई के क्षेत्रफल में कमी की भरपाई इस बार हो जाएगी। प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार एक लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्रफल में धान रोपाई होगी। बिजली आपूर्ति संकट के चलते इस वर्ष भी धान बुआई कम रहने का अंदेशा था लेकिन मानसून के शुरूआती संकेत राहत प्रदान करने वाले है। सबकुछ ठीक चला तो अगले साल की शुरुआत तक बाजार में दा मों में गिरावट शुरू हो जाएंगी। अच्छे मानसून से सब्जी के उ त्पादन पर भी काफी असर पड़ेगा। सब्जियों के दाम घटने से शहर का मध्यम वर्ग खुश हो सकता है और चुनावी साल होने की वजह से कांग्रेस अपनी तरफ से राहत देने में कोई कसर छोड़ेगी भी नहीं।












Click it and Unblock the Notifications