इशरत एनकाउंटर- HC की फटकार, कहा किसी को नहीं मिला मारने का लाइसेंस

कोर्ट ने सीबीआई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सीबीआई एनकाउंटर की असलियत जानने करने के बजाए आईबी के इनपुट्स की प्रमाणिकता पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। वहीं कोर्ट ने गुजरात सरकार को भी खरी-खरी सुनाते हुए जांच प्रक्रिया में बाधा नहीं पहुंचाने का आदेश दिया।
गुजरात सरकार ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला ही दिया जबकि वह कानूनी मुद्दों को लेकर बहस नहीं कर सकी। कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कानून फर्जी अकाउंटर के आधार पर किसी को भी मारने का लाइसेंस नहीं देता भले ही वो आंतकी ही क्यों ना हो। सीबीआई ने भी कोर्ट में माना कि इशरत जहां इनकाउंटर मामले में बड़ी साजिश हो सकती है। कोर्ट ने सीबीआई से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि आखिर क्यों वह आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिन बाद भी चार्जशीट दायर नहीं कर सकी?
गौरतलब है कि सीबीआई ने हाई कोर्ट के निर्देश पर इस कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच अपने हाथ में ली थी। जिसमें गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई की कॉलेज छात्रा इशरत जहां, प्रनेश गोपीनाथ पिल्लई, अमजद अली और जीशान जौहर को 15 जून, 2004 को एक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। टीम का नेतृत्व डीआईजी डीजी वंजारा ने किया था।












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