जुवेनाइल की उम्र 18 से घटाकर 16 करने की मांग खारिज
नयी
दिल्ली। 16 दिसंबर दिल्ली में हुए गैंगरेप की वारदात के बाद किशोरों की उम्र को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ ता उसे अब खत्म कर दिया गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने किशोरों की उम्र 18 से घटाकर 16 करने की संसदीय समिति की सिफारिश को खारिज कर दिया है। इस सिफारिश को ना मंजूर करते हुए कृष्णा तीरथ ने कहा कि अपराध की गंभीरता के आधार पर कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए किशोर न्याय कानून जुवेनाइल ऐक्ट में संशोधन किया जा सकता है। id="toptextpromo">उन्होंने
कहा कि किशोरों की उम्र घटाकर 16 करने की सिफारिश करने वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट फिलहाल उन्हें नहीं मिली है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि किशोरों की उम्र कम करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। लेकिन यदि कोई किशोर बार-बार गंभीर अपराध करता है तो उसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए जुवेनाइल कानून में संशोधन अवश्य किया जा सकता है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>एक
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक साल 2011 में करीब 23 हजार दंडनीय अपराधों को जुवेनाइल ने अंजाम दिया, जबकि ये आंकड़ा साल 2012 में बढ़कर 25 हजार से भी अधिक हो गया। समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि अपराधियों को सिर्फ 16 साल की आयु तक ही किशोर माना जाए। ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए विभिन्न कानूनों के तहत उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके।











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