मुश्किल भरा संसद सत्र का पहला दिन, सरकार के पसीने छूटने तय

बीजेपी के साथ-साथ वामदलों समेत सभी विपक्षी दलों ने दिल्ली में एक 5 साल की बच्ची के साथ हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की है। विपक्षी दलों की नाराजगी दिल्ली पुलिस के ढुलमुल रवैये को लेकर भी है। सरकार और प३सासन के ठीले रवैये को लेकर सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है। बीजेपी इसी मुद्दे को लेकर सरकार को चारों खाने चित करने के मूड में है। दिल्ली में 16 दिसंबर की घटना के बाद एक बार फिर से 5 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई इस दर्दनाक घटना के बाद कई नेताओं का मानना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो बच्ची की ऐसी हालत ना होती।
22 अप्रैल से 10 मई तक चलने वाले संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में सरकार के पास बहुत ज्यादा वक्त पहले ही नहीं है। दिल्ली में जिस तरह से बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला गरमाया हुआ है, उससे पहले दिन तो सदन चलना बेहद मुश्किल लग रहा है। खासतौर से इस मसले पर दिल्ली पुलिस के रवैये पर सभी राजनीतिक दलों में आक्रोश है। खुद दिल्ली की कांग्रेस सरकार और उसके मंत्री दिल्ली के पुलिस आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्रालय से खासे खफा हैं। जिस तरह का माहौल है, उससे सरकार के प्रबंधक भी मान रहे हैं कि पहले दिन तो इस मुद्दे पर सदन चलना मुश्किल होगा। बच्ची से रेप का मामले के अलावा इस संसदीय सत्र में विपक्षी दल कोल ब्लाक घोटाला और 2 जी पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है।
बीजेपी जेपीसी की रिपोर्ट और उसके बाद उसके लीक होने पर सवाल उठाकर कड़े तेवर अपनाने के संकेत दिए हैं। इन सब के अलावा इस सत्र के शुरुआत में ही 9 अप्रैल को दिल्ली में योजना भवन के सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में टीमएमसी आज संसद में विरोध-प्रदर्शन करेगी। पार्टी के नेताओं के मुताबिक, पार्टी के तमाम सांसद संसद परिसर में लगी महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे इकट्ठा होकर इस मुद्दे पर अपना विरोध जताएंगे।












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