2018 तक फौक्सवेगन देश में दोगुनी करेगा अपनी हिस्सेदारी
जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी फाक्सवैगन भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिती को और भी मजबूत करने की योजना बना रही है। जी हां, हाल ही में फौक्सवेगन ने बताया था कि वो आगामी 2018 तक दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनने के लक्ष्य को पूरा करेगी। इसी क्रम में कंपनी पूरी दुनिया में जिन देशों में उसकी मौजूदगी है वहां पर अपनी स्थिती मजबूत करने में लगी। अपने इसी लक्ष्य के तहत कंपनी भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी हिस्सेदारी दोगुनी करने की योजना बना रही है।
आपको बता दें कि बीते कुछ वर्षो पूर्व ही फौक्सवेगन ने देश में अपनी कारों की बिक्री की सफल शुरआत की है। और कम समय में ही कंपनी ने अपने बेहतरीन तकनीकी से सजी कारों के चलते देश में लोकप्रियता हासिल करने के साथ ही लगभग 3 प्रतिशत बाजार पर कब्जा कर लिया है। गौरतलब हो कि फौक्सवेगन भारत में अपनी हिस्सेदारी दोगुनी से अधिक कर 7 प्रतिशत पर पहुंचाने की योजना बना रही है।
फॉक्सवैगन इंडिया पैसेंजर कार्स के एमडी अरविंद सक्सेना ने बताया कि इस समय भारतीय कार बाजार में हमारी हिस्सेदारी लगभग 3 प्रतिशत तक है। लेकिन कंपनी के नये लक्ष्य के मुताबिक हम आगामी 2018 तक भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ार 7 प्रतिशत तक करेंगे। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी देश में अपने कारों की बिक्री में इजाफा करने के लिए अपना ध्यान केंद्रीत करेगी।
आपको बता दें कि कंपनी का यह भी मानना है कि इस समय भारतीय बाजार में कारों की मांग में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हो सकता है कि स्थिती अनुकूल न हो लेकिन हम अपने पिछले वर्ष के बिक्री स्तर को ही बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेंगे। आपको बता दें कि फौक्सवेगन इस समय भारतीय बाजार में अपनी शानदार सिडान कार जेटा और हैचबैक पोलो की शानदार बिक्री कर रही है और अपने लक्ष्य की प्राप्ती के लिए कंपनी कुछ नये मॉडलों को भी पेश कर सकती है।












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