राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी का वजूद खत्म

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज मायावती सरकार के जिले बनाने के नोटिफिकेशन को गैर-कानूनी घोषित कर जिले के गठन को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने अमेठी को जिला बनाने की अधिसूचना रद्द कर दी है। सुल्तानपुर और रायबरेली को काटकर अमेठी जिला बनाया गया था जिसका नाम मायावती सरकार ने छत्रपति साहूजी नगर रखा था। बाद में अखिलेश ने इसका अमेठी जिला नाम रख दिया था। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अमेठी जिले के क्षेत्र सुलतानपुर और रायबरेली में पुरानी स्थिति में समाहित रहेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह तथा न्यायमूर्ति डीके अरोड़ा का खंडपीठ ने यह निर्णय दिया।
दरअसल 1 जुलाई 2010 को मायावती सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर रायबरेली जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों (सालोन, तिलोई और सुलतानपुर) और सुल्तानपुर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों (अमेठी, मुसाफिरखाना और गौरीगंज) को जोड़कर छत्रपति शाहूजी महाराज नगर के नाम से एक नया जिला बना दिया था। जब मुख्यमंत्री मायावती ने जिला बनाया था उस वक्त जनगणना चल रही थी और केंद्र सरकार ने नए जिले बनाने पर रोक लगा रखी थी।
इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी मनोज कुमार रस्तोगी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद मायावती द्वारा बनाए गए छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का नाम बदलकर अमेठी कर दिया था। लेकिन आज हाईकोर्ट ने मायावती सरकार के जिले बनाने के नोटिफिकेशन को गैर-कानूनी घोषित कर जिले के गठन को रद्द कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब न छत्रपति शाहूजी महाराज नगर जिला बचा और न ही अमेठी जिला।












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