सबको भोजन की गारंटी देने वाला बिल 22 को होगा पेश
नई दिल्ली। यूपीए के केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार की शाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक के तहत देश की 67 फीसदी आबादी (लगभग 1.2 अरब लोगों) को भोजन का अधिकार दिया जाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने ने बताया "मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दे दी है। हम इस विधेयक लोकसभा में इसी सप्ताह पेश करने की कोशिश करेंगे।"
संप्रग सरकार की अध्यक्ष सोनिया गांधी की महत्वाकांक्षी परियोजना, खाद्य सुरक्षा विधेयक को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी। इस विधेयक के अंतर्गत भारत की 67 प्रतिशत आबादी को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम राशन प्रति महीने के हिसाब से चावल तीन रुपए प्रति किलोग्राम, गेंहू दो रुपया प्रति किलोग्राम एवं मोटे अनाज एक रुपया प्रति किलोग्राम की दर से प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है।

इस विधेयक को पिछले वर्ष दिसंबर में लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किया गया था और पुनर्विचार के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत देश की 2.4 करोड़ अति गरीब जनता को प्रदान किए जा रहे 35 किलोग्राम अनाज प्रति व्यक्ति प्रति महीने की योजना को इस विधेयक में सुरक्षित रखा जाएगा।
अधिकार ने बताया कि संसद की स्थायी समिति द्वारा की गई सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए विधेयक में कुल 71 संशोधन किए गए जिसमें से पांच-छह संशोधन ही बड़े संशोधन थे। दो से अधिक बच्चों की मां के लिए इस विधेयक में पोषक आहार प्रदान करने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। अधिकारी के अनुमान के अनुसार वर्तमान 90,000 करोड़ रुपयों वाला यह विधेयक क्रियान्वित होने के समय 1.1 लाख करोड़ को पार कर जाएगा।












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