कोलकाता अग्निकांड: झुलसे चेहरों में ममता को दिखी साजिश की परछाई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सियालदह में एक बहुमंजिला बाजार परिसर में बुधवार तड़के आग लगने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद अग्निकांड में साजिश का अंदेशा जताया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश दिए और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। घटनास्थल के दौरे के दौरान ममता ने कहा, "इस मामले की जांच पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी और जांच रिपोर्ट तीन दिन में सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने माना कि बाजार परिसर आग की दृष्टि से संवेदनशील था, क्योंकि वहां कई ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे, लेकिन उन्होंने इसमें किसी तरह की साजिश होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, "यह घटना क्यों हुई? यहां कई ज्वलनशील पदार्थ हैं और यदि कोई चिंगारी भी जलाता है तो इससे भीषण आग लग सकती है। जांच हर पहलू से की जाएगी।" अग्निकांड को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए ममता ने कहा कि मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। शहर में पुलिस नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने कहा, "इस अग्निकांड में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है।" आग बुधवार तड़के चार बजे मध्य कोलकाता के एक बाजार में लगी, जब लोग सो रहे थे।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 26 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी बचाव व राहत कार्य में लगे हुए हैं। इमारत में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बाजार परिसर में साबुन व कागज के कई गोदाम हैं। राज्य के अग्निशमन सेवा मंत्री जावेद खान ने बताया कि यह इमारत गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई है। इसमें प्रवेश और निकास के कई दरवाजे बंद थे, जिसके कारण कई लोग फंसे रह गए। उन्होंने कहा, "हम अग्नि सुरक्षा प्रबंध नहीं करने के लिए बाजार प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भीतर फंसे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता सूर्यकांत मिश्रा ने घटना की जांच की मांग की है। घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा, "यह आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष जांच कराए जाने की जरूरत है। प्रशासन को गंभीरता से यह आकलन करने की जरूरत है कि वहां ऐसी और कितनी इमारतें हैं, जहां आग लगने का खतरा है। इसके आधार पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।" (आईएएनएस)












Click it and Unblock the Notifications