साइकिल पर टिफिन रखकर खून की होली मतलब 'इंडियन मुजाहिद्दीन'
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद आतंकियों के नापाक इरादों से दहल गई है। एक के बाद एक सिलसिलेवार बम धमाकों में 22 लोगों की मौत हो गई है जबकि 50 से भी ज्यादा लोग जख्मी हैं। इस धमाके की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकवादी संगठन ने नही ली है। मगर बम ब्लास्ट के बाद घटना स्थल से फिलहाल जो बरामद हुआ है उससे यह साफ हो रहा है कि धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ हो सकता है।
आईए हम आपको बता दें कि पुलिस ने हैदराबाद में धमाकों वाले जगहों पर जो अवशेष पाया गया है। अमोनियम नाइट्रेट, टाइमर और सबसे अहम चीज जो बरामद हुई है वह है आईईडी। इन सबसे खास बात यह है कि बम रखने के लिये टीफिन और साइकिल का प्रयोग किया गया है जो इंडियन मुजाहिद्दीन का पुराना तरीका है।

हालांकि इंडियन मुजाहिद्दीन पर अंगुली उठाने का कारण हमेशा से उसके तरीके और तारीख रहा है। मगर यहां तारीख की बात ना करें तो तरीका बिल्कुल इंडियन मुजाहिद्दीन का है। दावे भले किये जा रहे हो कि मौजूदा समय में इंडियन मुजाहिद्दीन इस हालत में नहीं है कि वो भारत में धमाकों को अंजाम दे सके। दावे तो ये भी किये जा रहे थे कि आईएम अपनी ताकत खो चुका है। मगर बार-बार भारत पर हमला कर उसके सीने को छलनी कर इस संगठन ने अपनी ताकत का अंदेशा पहले ही दे चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो जाती है मगर इस संगठन का नेटवर्क कभी कमजोर क्यों नहीं पड़ता?
अब तक इंडियन मुजाहिद्दीन ने भारत के अलग-अलग राज्यों में कई बार धमाके कर लगभग 500 लोगों की जान से खेल चुका है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस संगठन ने सैकड़ों बेहगुनाहों के खून से अपना हाथ धोया है। जानकारों का यह भी मानना है कि इस संगठन के तार पाकिस्तान से भी जुड़े हैं। अगर मुद्दे की बात करें तो इंडियन मुजाहिदीन को प्रतिबंधित सिमी और पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर का मुखौटा माना जाता है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, उत्तर प्रदेश और बैंगलोर के कई ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का नाम शामिल रहा है।
सरकार ने इंडियन मुजाहिदीन को गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठनों की लिस्ट में डाला है। गौरतलब है कि जेहाद के नाम पर बेगुनाहों का खून बहाने वाले इस आतंकी संगठन का नाम सबसे पहले 23 फरवरी 2005 को उस वक्त चर्चा में आया जब उसने वाराणसी में ब्लास्ट किया था। इस ब्लास्ट में 8 लोग घायल हुए थे। इस विषय के जानकारों की मानें तो इंडियन मुजाहिदीन पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के हाथ की कठपुतली है और पिछले कई सालों से इंडियन मुजाहिदीन सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाला आतंकी संगठन बनकर उभरा है। गौरतलब है कि पिछले पांच सालों में इंडियन मुजाहिद्दीन का नाम भारत में हुए 10 बड़े हमलों में आया है।
इंडियन मुजाहिद्दीन की तरफ से जो हमला किया गया उसमें सबसे अहम वर्ष 2005 का हमला है। वर्ष 2005 में दीपावली से ठीक पहले दिल्ली सिलसिलेवार बम धमाकों से दहल उठी थी। इस हादसे में 66 लोगों की मौत हुई थी। खास बात यह है कि इस हादसे में भी इंडियन मुजाहिद्दीन के हाथ होने के सबूत पाये गये थे। 2006 में मुंबई लोकल ट्रेन में सीरियल धमाके, 187 लोगों की मौत। 2007 में लखनऊ, वाराणसी, फैजाबाद कोर्ट में सिलसिलेवार धमाकों में 18 लोगों की मौत। जानकारों का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन की हमेशा यही कोशिश रही कि ऐसी जगह हमला किया जाए जहां ज्यादा से ज्यादा लोग जमा होते हों। 2008 को जयपुर में ब्लास्ट हुए, इसमें 80 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। 2008 में ही बैंगलोर ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हुई। ऐसे कई हादसे इंडियन मुजाहिद्दीन ने किये जिसमें बेगुनाहों के खून बहे।












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