जेल में आडवाणी की आत्‍मकथा पढ़ता था अफजल गुरु

Afzal Guru
नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। संसद पर हमले के मामले में दोषी आतंकवादी अफजल गुरु जेल में भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी की आत्‍मकथा पढ़ता था। जी हां अफजल गुरु की किताबों की संग्रह में भारतीय जनता पार्टी के शीर्षस्‍थ नेता लालकृष्ण आडवाणी की आत्मकथा 'माई कंट्री, माई लाइफ' भी मिली है। मालूम हो कि अफजल गुरु को फांसी पर लटकाये जाने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने उसका सामान उसके परिवार को लौटाने का फैसला किया है।

संसद पर हमले का मास्टर माइंड अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में शनिवार सुबह फांसी दे दी गई। उसे तड़के 5.25 बजे अफजल को बैरक नंबर 3 में फांसी पर लटकाया गया। उसके बाद से उसके परिजनों ने उसके सामान और शव की मांग की थी। अफजल गुरु का चश्‍मा, बिस्‍तर, रेडियो, पेन, डायरी और किताबें जेल में हैं।

अफजल के सामान परिजनों को सौंपे जाने की कवायद पर आज मुहर भी लग गई है मगर अभी यह साफ नहीं हो सका है कि जेल प्रशासन अफजल का सामान कश्मीर भेजेगा या उसके परिवार के किसी सदस्य को दिल्ली बुलाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सामान लौटाने के लिए परिवार या अफजल के वकील को बुलाया जा सकता है।

उल्‍लेखनी है कि फांसी के बाद अफजल गुरु के शव को तिहाड़ में ही दफना दिया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद अफजल के वकील एनडी पंचोली ने अफजल की पत्नी तबस्सुम की ओर से जेल प्रशासन को पत्र सौंप कर शव और सामान परिवार को सौंपे जाने का आग्रह किया था।

हालांकि उसका शव तो उसके परिजनों को नहीं सौंपा गया मगर जेल प्रशासन ने उसके सामान वापस करने का फैसला जरूर लिया है। जेल सूत्रों का कहना है कि अफजल को राजनीति और दर्शनशास्त्र से जुड़ीं किताबें पढ़ने का शौक था। उसने जेल में पिछले 12 साल इन्हीं किताबों के साथ बिताए थे।

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