गुजरात के विकास में भागीदारी निभायेगा इजराइल
मोदी ने गुजरात और इजरायल के लगातार बढ़ रहे सहभागिता के सम्बन्धों को व्यापक पैमाने पर ले जाने के लिए वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता के चलते 2014 से हर दो वर्ष में वाइब्रेंट गुजरात एग्रोटेक फेयर समिट के महत्वाकांक्षी आयोजन में इजरायल को कंट्री पार्टनर बनने का आमंत्रण दिया है। इजरायल न्यूनतम जल के उपयोग से कृषि क्रांति कर रहा है, ऐसे में कृषि टेक्नॉलोजी के अभ्यास के लिए विभिन्न बेंच में गुजरात के विधायकों को इजरायल के कृषि और जल व्यवस्थापन के लिए अभ्यास दौरे पर ले जाने का मोदी ने संकल्प जताया।
एलोन युशपिज ने इंडस्ट्रियल डवलपमेंट और रिसर्च एंड डवलपमेंट सेक्टर में दोनों के बीच भागीदारी के क्षेत्र विकसित करने के लिए कॉपर्स फंड के गठन का सुझाव दिया। इजरायल सरकार तथा उसकी कम्पनियां गुजरात के विकास में योगदान दे रही हैं, ऐसे में गुजरात की कृषि विश्वविद्यालयों के साथ सेंटर ऑफ एक्सेलंस- एग्रो रिसर्च एंड ह्युमन रिसोर्स डवलपमेंट में नये फलक पर सहभागिता की सम्भावनाएं विकसित करने, वाटर मैनेजमेंट के क्षेत्र और बन्दरगाह विकास, ऊर्जा विकास के क्षेत्र में प्रस्तावों पर युशपिज ने परामर्श किया।
मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार ने राज्य के शहरों में वाटर मैनेजमेंट और वाटर रिसाइकलिंग का इकॉनोमिक मॉडल विकसित करने का प्रस्ताव रखा है और इसमें भी इजरायल सरकार और कम्पनियों की सहभागिता स्वीकार्य है। इसके साथ ही गुजरात इक्वीपमेंट मेन्युफेक्चरिंग विकसित करना चाहता है। इजरायल के राजदूत ने मोदी के साथ इस बैठक को परस्पर सहभागिता के सम्बन्ध मजबूत बनाने वाली बतलाया। बैठक में उद्योग के अग्र सचिव महेश्वर शाहु और मुख्यमंत्री के सचिव एके. शर्मा भी मौजूद थे।













Click it and Unblock the Notifications