जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड नाबालिग पर आज सुनाएगा फैसला

इनसब सबूतों का आधार मानकर बोर्ड अपना फैसला सुना सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नाबालिग आरोपी का केस गैंगरेप के अन्य आरोपियों के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाने को लेकर याचिका दायर की थी। स्वामी ने दलील दी थी कि इस मामले में नाबालिग ने जधन्य अपराध किया था और पीड़िता के साथ सबसे ज्यादा अमानवीय व्यवहार भी इसी नाबालिग ने किया था, इसलिए आरोपी के अपराध की गंभीरता से देखते हुए इसे नाबालिग ना माना जाए।
लेकिन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिसींपल मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल ने सुब्रहमण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी थी। अगर आज के फैसले के बाद बोर्ड नाबालिग के पक्ष में फैसला सुनाता है तो गैंगरेप के जघन्य अपराधी को बोर्ड एक्ट के मुताबिक केवल 3 साल की सजा ही होगी। नाबालिग की उम्र को लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का आज का फैसला बेहद अहम है, लोगों की उम्मीदें उससे जुड़ी है। अबतक के प्रमाण के मुताबिक नाबालिग आरोपी की 17 साल और कुछ महिनें है, लेकिन अगर कोर्ट इसे 18 साल मान लेता है तो नाबालिग का मामला अपने आप फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर हो जाएगा। इन सब मुद्दों पर बोर्ड आज अपना फैसला सुनाएगी।












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