अमीरों पर और अधिक कर लगे: पी चिदंबरम

गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में कर संग्रह कम होने से सरकार पर दबाव है। जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं के वित्त पोषण की समस्या भी आ रही है। मार्च में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में कर संग्रह पिछले दस वर्ष के सबसे निचले स्तर पर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले महीने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन ने भी सुझाव दिया था कि सरकार को अति सम्पन्न अमीरों पर अधिक टैक्स लगाने के बारे में सोंचना चाहिए या फिर आयकर के भुगतान पर सरचार्ज लगाने का विचार भी किया जाना चाहिए। ऐसा कहा जा रहा है कि 2013-14 बजट से पहले इस संबंध में चर्चा की जा सकती है। वित्त मंत्री ने यह बातें एक टीवी चैनल पर दिये गये अपने साक्षात्कार में कही।
उनके इस बयान से अमीरों का चिंतित होना स्वाभाविक है। पिछले दस वर्षों में भारत में करोड़पतियों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। हालांकि सरकार के लिए भी यह कदम उठाना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि 2014 में लोकसभा चुनाव भी होने वाले हैं। अगर सरकार इस पर चर्चा करके इसे लागू करने में कामयाब रहती है तो कांग्रेस सरकार के सामने मुश्किलें आ सकती है और वित्तमंत्री चिदंबरम ने खुद भी इसके लागू होने पर संदेह जताया है।












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