राजनाथ सिंह र्निविरोध चुने गये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को नाटकीय ढंग से नितिन गडकरी के इस्तीफे के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अध्यक्ष पद के लिये राजनाथ सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा और देखते ही देखते नितिन गडकरी सहित सबने एक स्वर स्वीकार कर लिया। मंगलवार को नितिन गडकरी का लगातार दूसरी बार पार्टी के अध्यक्ष का पदभार संभालना लगभग तय था। इसके लिए पार्टी के विधान में संशोधन पहले ही किया जा चुका था। लेकिन संदिग्ध निवेश के आरोपों से घिरी गडकरी की पूर्ती कंपनी से जुड़े नौ ठिकानों पर कल आयकर अधिकारियों द्वारा छापे माने जाने के बाद हालात अचानक बदल गए।
जैसे-जैसे सूरज ढलता गया पार्टी के भीतर घमासान शुरु हो गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आपत्ति जताई कि अनियमितताएं बरतने के आरोप में घिरे किसी भी व्यक्ति के नेतृत्व में 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ना बहुत घातक साबित होगा। इतना ही नहीं वरिष्ठ पदाधिारियों ने इस बात का भी निर्णय लिया कि ऐसा करने से कांग्रेस के विरूद्ध पार्टी की भ्रष्टाचार की लड़ाई बहुत कमजोर हो जाएगी। बस क्या था गडकरी की जगह किसी अन्य को ढूंढ़ने की कवायद शुरु हो गई। रात लगभग 10 बजे तक राजनाथ सिंह पर आम सहमति बन गई।












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