मलाला यूसुफजई को फ्रांस का विशेष सम्मान

इस सम्मान को लेते समय उसके पिता जियाउद्दीन यूसुफजई ने कहा है कि इस मुश्किल समय में पूरी दुनिया और भगवान ने उनका साथ दिया है। जिससे कि वह अब ठीक हो रही है। भगवान ने मानवता की भलाई और शिक्षा का प्रचार प्रसार करने के कारण उसकी रक्षा की।
गौरतलब है कि अक्टूबर में पाकिस्तान की स्वात घाटी में कुछ तालिबानियों ने उस पर हमला कर दिया था। गोली उसके सिर में लगी थी। पाकिस्तान सरकार ने उसे बेहतर इलाज के लिए लंदन भेजा। जहां अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रही है।
मलाला के पिता ने कहा कि तालिबानियों को अब शांति और मानवता के बारे में बात करनी चाहिए, वह अपनी सोंच को दूसरों पर थोप नहीं सकते हैं। उन्होने कहा कि मलाला जीत चुकी है और तालिबान हार गया है।
मलाला जब 11 वर्ष की थी तो उसने तब उसने बीबीसी की उर्दू सेवा के लिए एक ब्लॉग लिखा था। इसके अलावा उसे शांति का नोबेल पुरस्कार भी दिये जाने की बात की जा रही है।












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