भारत में जीवन तो लंबा, लेकिन बुढ़ापा बीमारियों से लदा
नई दिल्ली। अगर आप भारत में रह रहे हैं तो आपकी जिंदगी औरों की तुलना में ज्यादा होगी, लेकिन 56 की आयु पार करते ही रोग आपको जकड़ लेंगे। यह हम नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुआ एक सर्वेक्षण कह रहा है। इस सर्वेक्षण के मुताबिक पुरुषों से ज्यादा महिलाओं का बुढ़ापा खराब होता है। खास बात यह है कि उनके स्वास्थ्य के खराब होने का कारण कोई बाहरी वातावरण नहीं, बल्कि घर के अंदर का वातावरण है।
शुरुआत घर के अंदर से करते हैं। हम बचपने से देखते आर हैं कि गांवों में हर रोज घरों के अदंर फर्श और दीवारों पर गोबर लीपा जाता है। हमारा मानना है कि इससे घर के अंदर कीड़े-मकौड़े नहीं आते, लेकिन सच पूछिए तो यह घर के अंदर ज्यादा समय बिताने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। यही कारण है कि भारत में महिलाओं की औसत उम्र तो बढ़ी, लेकिन बुढ़ापे में बीमारियां लगने की आशंका ज्यादा रहती है।

ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज़ स्टडी 2010 के अनुसार 1970 के मुकाबले अब महिलाओं की औसत आयु 18 साल बढ़कर 67.5 वर्ष हो गई है, जबकि पुरुषों की 15 साल बढ़कर 63 वर्ष हो गई है। अगर बीमारियां लगने की बात करें तो भारतीय पुरुष 54 वर्ष तक स्वस्थ्य रहते हैं, जबकि महिलाएं 57 वर्ष की आयु तक स्वस्थ्य रहती हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक भारतीय लोग अपने जीवन के अंतिम 10.5 वर्ष बीमारियों में गुजरते हैं।
अगर आप खराब स्वास्थ्य के कारण पूछें तो आप सीधे बढ़ती महंगाई को कोसेंगे। असल में भारतीय अपने बच्चों को पर्याप्त मात्रा में फल नहीं दे पाते हैं। फल नहीं खा पाने की वजह से कई प्रकार के विटामिन बचपन से ही नहीं मिल पाते हैं। अन्य कारण शराब और तंबाकू उत्पादों का अधिक सेवन,और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण हैं। अब अगर बीमारियों की बात करें तो 54 के बाद हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा सबसे ज्यादा हैं।












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