हर रोज पांच रुपए पुलिस को भीख देती है महिला

A woman who give alms everyday to UP Police
बांदा। पचपन साल की महिला कल्लू कुछबंधिया दिन भर कस्बे में भीख मांगने के बाद शाम को थाना की ड्योढ़ी में पुलिस को जी भर गरियाती है और चलते वक्त वह पांच रुपए का सिक्का उछाल कर पुलिस को ‘भीख' में देती है। पुलिस इस महिला को ‘पागल' तो यह महिला पुलिस को ‘भिखारी' कहती है।

यह वाकया उत्तर प्रदश में बांदा जनपद के अतर्रा थाने में रोजाना शाम देखने को मिलता है। मटमैली धोती पहने और सिर में गठरी लादे कोई महिला पुलिस को चीख-चीख कर गाली दे और भिखारी कहे तो आम लोग उसे पागल ही समझेंगे, लेकिन सच यह नहीं है। वह पागल नहीं, बल्कि इस व्यवस्था की शिकार है। खंभौरा गांव की रहने वाली अनुसूचित जातीय पचपन साल की महिला कल्लू कुछबंधिया रोजाना अतर्रा कस्बे में सुबह से शाम तक भीख मांगती है। शाम को घर लौटते वक्त वह थाने की ड्योढ़ी में बैठ कर पुलिस को जी भर गरियाना और फिर पांच रुपए की भीख देना नहीं भूलती।

गांव का ग्रामीण राजा सिंह इस महिला के बारे में बताता कि पन्द्रह साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने उसके पति के नाम से बैंक से फर्जी तौर पर लोन उठा लिया था, जब नहीं भरा गया तो पति के नाम रही एक बीघे कृषि भूमि नीलाम हो गई। जमीन की नीलामी का सदमा पति बर्दाश्त न कर सका और उसकी मौत हो गई। इस महिला के पास करीब आधा किलोग्राम चांदी थी, जिसे वह एक पड़ोसी के घर धरोहर के रूप में रख दिया था।

मगर वापस मांगने पर बड़ा विवाद हुआ और उसे चांदी तो नहीं मिली, पर इसी बीच उसके इकलौते बेटे की जहर खाने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने पड़ोसी पर ही जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। इतना ही बेटे की मौत के बाद उसके साथ दुराचार की भी घटना हुई, जिससे वह गर्भवती हो गई। सभी घटनाओं में उसने पुलिस से कानूनी संरक्षण मांगा, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। तभी से यह महिला पुलिस से चिढ़ी हुई है और बीते दस साल से लगातार पुलिस को गाली व भीख में पांच रुपए देना उसकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है।'

यह ग्रामीण बताता है कि ‘वह सिर्फ पुलिस से ही ऐसा बर्ताव करती है।' महिला से गांव जाकर बातचीत की गई तो वह पुलिस का नाम आते ही झल्ला उठी और अपने साथ हुए हादसों को बताकर रोना शुरू कर दिया। वह कहती है कि ‘अगर पुलिस ने न्याय किया होता तो यह दशा न होती। पुलिस ही उसकी सबसे ज्यादा गुनहगार है।' अतर्रा कस्बे के मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. महेन्द्र सिंह कहते हैं कि ‘महिला किसी बड़ी घटना की वजह से अवसाद से ग्रसित हो सकती है।' हालांकि अतर्रा पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्णचंद्र सिंह इस महिला को पागल करार देते हुए कहते हैं कि ‘वह पुलिस से चिढ़ती नहीं है, बल्कि प्यार से बात करती है, पांच रुपए रोजाना देना उसकी आदत बन गई है।' सीओ को उसके साथ घटी किसी भी घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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