अन्ना ने केजरीवाल को कहा सत्ता का लालची, वोट देने से इंकार

अन्ना हजारे ने केजरीवाल की पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी भी अन्य पार्टियों की तरह 'सत्ता के जरिये धन' और 'धन के जरिये सत्ता' हासिल करने की फिराक में है। एक निजी चैनल पर बात करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं आम आदमी पार्टी को वोट दूंगा लेकिन अब मेरे लिये ऐसा करना मुश्किल है। अन्ना हजारे से जब यह पूछा गया कि क्या उनके पूर्व साथी अरविंद केजरीवाल सत्ता के लालची हैं तो हजारे ने कहा कि यह सच है। केजरीवाल की पार्टी को वोट ना करने की दलील में हजारे ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि यह सत्ता के जरिये धन और धन के जरिये सत्ता के रास्ते में बढ़ रही है। मैं कहीं भी उसके आसपास नहीं हूं। वह इस सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि क्या वह केजरीवाल द्वारा हजारे से अलग होने के बाद बनाई पार्टी ‘आप' को वोट देंगे।
हजारे ने साफ शब्दों में कहा कि वो उस पार्टी को वोट देंगे जो ईमानदार प्रत्याशियों को खड़ा करेगी। अन्ना हजारे ने कहा कि अगर केजरीवाल केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं तो वह उनके लिये प्रचार करेंगे। अन्ना ने इस बात को भी स्वीकार किया कि केजरीवाल की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण ही उनके आंदोलन में दरार आई। अन्ना ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए स्वतंत्रता के बाद पहली बार आंदोलन चल रहा था। जनता बाहर आ रही थी। मुझे लगा कि अच्छा आंदोलन चल रहा है। ऐसी भावना थी कि इसका कुछ नतीजा आएगा। लेकिन उसी समय मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में यह विचार कैसे आया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई में एकता की जरूरत है और केजरीवाल, स्वामी रामदेव और अन्य सहित सभी भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं।












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