कक्षा में ए के 47 लेकर पहुंचा शिक्षक

शिक्षक वू छात्रों को ऑटमिक हथियारों की संरचना के बारे में बता रहे थे। विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के अनुसार उन्होने इस दौरान कड़ा नियंत्रण रखा था और पुलिस से इसकी अनुमति पहले ही ले ली थी। जारी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी को हथियार को कक्षा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं थी शिक्षकों की देखरेख में ही छात्रों को हथियारों को हाथ लगाने की इजाजत दी जा रही थी।
चीन में घटने वाली इस घटना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अत्याधुनिक हथियार बनाने के लिए अपने युवा छात्रों को किस प्रकार प्रशिक्षित कर रहा है। गौरतलब है कि कुछ रक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि चीन के पास अमेरिकी सेना से भी ज्यादा अत्याधुनिक और विध्वंसक हथियार हैं। आर्थिक रूप से पहले ही चीन एक महाशक्ति बन चुका है। एशिया के इस सबसे शक्तिशाली देश के पास आज विश्व की सबसे बड़ी सेना है जिसके सहारे वह हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है और अपनी सीमाओं को निरंतर बढ़ाता जा रहा है।
खेलों में चीन ने अविश्वसनीय सुधार किया है। चीन ने अपनी पहला ओलंपिक मेडल 1984 में जीता था लेकिन सन 2008 के ओलंपिक में चीन से सबसे ज्यादा पदक जीते थे। चीन ने पिछले दो दशकों में विकास के नये प्रतिमान गढ़े हैं।












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