एफडीआई पर 'माया'जाल, कहा बगैर समीक्षा केंद्र को समर्थन नहीं

मायावती ने कहा कि विकासशील देशों में एफडीआई जरूरी है लेकिन जिस रूप में केंद्र उसे देश में लाना चाहती है वो बसपा को कतई मंजूर नहीं है। मायावती ने कहा कि केंद्र दलीलें दे रहा है कि एफडीआई के आने पर देश में रोजगार और मुनाफा दोनों में बढ़ोत्तरी होगी जो कि एकदम गलत है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कोई भी विदेशी कंपनी भला भारत में अपना माल सस्ती कीमतों पर क्यों बेचेगी? मायावती ने कहा कि एफडीआई लागू होने की सूरत में देश और ग्रामीण क्षेत्रों को छोटा व्यापारी खत्म हो जाएगा और महंगाई से निपट पाना देश के लिए मुश्किल हो जाएगा।
मायावती ने कहा कि एफडीआई के मुद्दे पर आखिरी फैसला वोटिंग से ठीक पहले लिया जाएगा। आपको बताते चलें कि 4 और 5 दिसंबर को नियम 184 के तहत लोकसभा में रिटेल में एफडीआई मुद्दे पर चर्चा और वोटिंग होगी। वहीं राज्यसभा में नियम 168 के तहत 6 और 7 दिसंबर को वोटिंग और चर्चा होगी।












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