डेरा-सिख समर्थकों के बीच खूनी झड़प
सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने का मामला शनिवार को भड़क उठा। शहर के वाल्मीकि चौक के पास डेरा प्रेमियों और सिखों में खूनी संघर्ष हुआ। लाठियों और तलवारों से हमले में दोनों पक्षों के 6 लोग घायल हो गए। इस दौरान चार बाइक व दो गाडिय़ों को जला दिया गया।
शहर में हालात तनावपूर्ण
डेरा-सिख विवाद में सिरसा शहर में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। डेरा प्रेमियों के हमले में सिख समाज के संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालात तनावपूर्ण देखकर दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई गई है। सिरसा के एसपी और डीसी सिविल अस्पताल में ही देर रात्रि बैठे हुए थे और हालात पर नजर रखे हुए थे।
उधर संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला पर हमले के बाद सिख समुदाय में भी भारी रोष उत्पन्न हो गया। सैंकड़ों आक्रोशित सिखों ने पुलिस प्रशासन के प्रति रोष जताया और शनिवार देर रात तक नंगी तलवारों से लैस सिख समुदाय के लोग गुरूद्वारा दसवीं पातशाही और गुरूद्वारा गुरू गोबिंद सिंह के बाहर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
शहर में कफ्र्यू लगा दिया
स्थानीय डेरा एवं सिख विवाद को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शहर में कफ्र्यू लगा दिया गया है। जिलाधीश डा. जे. गणेसन ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से बाहर न निकले और अफवाहों पर ध्यान न दें। आज स्थानीय वाल्मीकि चौक पर हुए झगड़े में एक दर्जन व्यक्ति जख्मी हो गए। सभी जख्मी व्यक्तियों को स्थानीय सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जख्मी हुए व्यक्तियों में संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला भी शामिल है।
संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला को वाल्मीकि चौक से उपायुक्त अपनी गाड़ी में अस्पताल लेकर आए और दाखिल करवाया। डॉक्टरों द्वारा सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है। सभी घायल व्यक्ति खतरे से बाहर है। संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने आमजन से अपील की है कि वे शहर में शांति बनाए रखे। इस बीच शहर में अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती कर दी गई है, ताकि हिंसा दोबारा नहीं भड़क सके।

घूम-घूम कर वाहन फूंके
हिंसा के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने शहर में घूम-घूम कर आगजनी की और वाहन फूंके। दिन भर शहर के कई इलाकों में तनाव व्याप्त रहा। पुलिस ने भारी सुरक्षाबल तैनात कर दिया है।

अर्धसैनिक बलों की 15 टुकड़ियां
जिला में हर प्रकार से कानून व्यवस्था, साम्प्रदायिक सदभाव व शांति बनाई रखी जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। शहर के सामान्य अस्पताल, रानियां रोड, गुरूद्वारा के आसपास व पूरे शहर में पुलिस तैनात कर दी गई है। विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अर्धसैनिक बलों की 15 टुकडिय़ां मंगवाई गई है।

चप्पे-चप्पे पर नज़र
पुलिस द्वारा हर प्रकार से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए गए हैं किसी भी स्थान पर अप्रिय घटना न हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।

जिलाधिकारी का आदेश
जिलाधिकारी डा. जे. गणेसन ने आदेश जारी कर सभी उपमंडलाधीशों, तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से कहा है कि वे अपने मुख्यालय पर रहना सुनिश्चित करें और पुलिस थानों के साथ संपर्क साधकर अपने-अपने कार्य क्षेत्र पर नजर रखें और सूचना एकत्रित करें। यदि कहीं भी कानून व्यवस्था के भंग होने, सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचने की सूचना प्राप्त हो तो वे शरारती तत्वों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही करें।

हरियाणा में अलर्ट
जिलाधिकारी ने कहा कि इस हिंसा को देखते हुए सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया है। अस्पताल, फायरबिग्रेड और दूसरी नागरिक सेवाओं से संबंधित व्यवस्था को अलर्ट रखने के लिये कहा गया है। उन्होंने सभी उपमंडलाधीशों से कहा है कि वे प्रतिदिन की रिपोर्ट सायंकाल तक जिला मुख्यालय पर भिजवाएं।

तलवारें लेकर निकले लोग
शनिवार देर रात तक नंगी तलवारों से लैस सिख समुदाय के लोग गुरूद्वारा दसवीं पातशाही और गुरूद्वारा गुरू गोबिंद सिंह के बाहर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

अस्पताल में घायल
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात तनावपूर्ण देखकर दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई गई है। सिरसा के एसपी और डीसी सिविल अस्पताल में ही देर रात्रि बैठे हुए थे और हालात पर नजर रखे हुए थे।












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