Pics: ठाकरे के निधन के बाद मुंबई का हाल
मुंबई। शनिवार की शाम करीब 3:30 बजे बाल ठाकरे का निधन हो गया। देखते ही देखते मातोश्री के बाहर हलचल तेज हो गई और फिर शाम 5 बजे उनके डॉक्टर ने यह खबर सार्वजनिक कर दी। 15 मिनट के अंदर 50 हजार से ज्यादा ट्वीट पड़े। देखते ही देखते यह खबर मुंबई में फैल गई। जो लोग वीकेंड मनाने निकले थे वो उलटे पांव वापस लौटने लगे।
ऑफिस में बैठे लोग तुरंत उठे और घर की ओर चल दिये। मुंबई पुलिस ने भी टीवी, रेडियो के माध्यम से पूरी मुंबई से अपील की कि जब तक कोई जरूरी काम नहीं हो, तब तक घर से बाहर नहीं निकलें। ठाणे, ऐरोली से लेकर वसई तक हर जगह दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। ऐसा लग रहा था कि मानों कुछ ही देर में कर्फ्यू लगने वाला हो।
आधे से ज्यादा मुंबई में तो ऐसा लग रहा था कि मानो वाकई में कर्फ्य लग गया हो। मेडिकल स्टोर के अलावा एक भी दुकान नहीं खुली थी। खबर आते ही सभी सिनेमा घरों में फिल्मों का प्रदर्शन बीच में ही रोक दिया गया और लोगों को पैसे वापस कर लौटा दिया गया। एडवांस बुकिंग रद कर दी और पैसे वापस कर दिये। शाम वरली, वसई, सात बजे यह आलम था कि सड़कों पर एक भी वाहन नहीं दिखाई दे रहा था।
वहीं बांद्रा में मातोश्री, शिवसेना भवन और शिवाजी पार्क पर देर शाम से ही भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। हालांकि मातोश्री पर शिवसैनिकों का जमावड़ा 14 नवंबर से लगा हुआ था। और क्या क्या हुआ मुंबई में हम आपको बताने जा रहे हैं तस्वीरों में।

ठाकरे के जीवन के प्रमुख अंश
सबसे पहले हम आपको रू-ब-रू करायेंगे बाल ठाकरे के जीवन की प्रमुख घटनाओं से। इस तस्वीर में आप उनके जीवन को संक्षिप्त में देख सकते हैं। ठाकरे के जीवन में कब क्या हुआ यह भी आप देख सकते हैं। विस्तार से पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें।

जब ठाकरे का निधन हुआ
यह उस समय की तस्वीर है, जब ठाकरे का निधन हो गया। उस दौरान मातोश्री पर अचानक हलचल तेज हो गई और सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया। लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।

मातोश्री पर शिवसैनिक
निधन की खबर सुनते ही हजारों शिवसैनिक मातोश्री के बाहर पहुंच गये। उस दौरान शिवसेना के नेता मनोहर जोशी ने सभी से अपील की कि वो धैर्य बनाये रखें। मुंबई ठाकरे की जान थी, लिहाजा उसे कतई नुकसान मत पहुंचायें। खास तौर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को यथावत चलने दें।

मातोश्री पर शिवसैनिक
निधन की खबर सुनते ही हजारों शिवसैनिक मातोश्री के बाहर पहुंच गये। उस दौरान शिवसेना के नेता मनोहर जोशी ने सभी से अपील की कि वो धैर्य बनाये रखें। मुंबई ठाकरे की जान थी, लिहाजा उसे कतई नुकसान मत पहुंचायें। खास तौर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को यथावत चलने दें।

मातोश्री पर शिवसैनिक
निधन की खबर सुनते ही हजारों शिवसैनिक मातोश्री के बाहर पहुंच गये। उस दौरान शिवसेना के नेता मनोहर जोशी ने सभी से अपील की कि वो धैर्य बनाये रखें। मुंबई ठाकरे की जान थी, लिहाजा उसे कतई नुकसान मत पहुंचायें। खास तौर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को यथावत चलने दें।

फूट-फूट कर रोये आम लोग
बाला साहब से लोग इतना प्रेम करते थे कि उनके निधन के बाद वो फूट-फूट कर रोये। उनका प्रेम शायद कभी कम नहीं होगा।

दुकाने बंद होनी शुरू हो गईं
बाला साहब के निधन के तुरंत बाद दुकानों के शटर गिरने लगे। लोग घरों की ओर बढ़ने लगे।

शिवाजी पार्क पर तैयारियां
यह खबर आयी कि बाला साहब के अंतिम दर्शन शिवाजी पार्क में किये जा सकेंगे, शिवसैनिकों ने वहां तैयारी शुरू कर दी। रात भर में शिवाजी पार्क पर बैरीकेडिंग की गई और पोस्टर बैनर लगाये गये। यहीं पर बाला साहब का अंतिम संस्कार भी किया जायेगा।

शिवाजी पार्क पर तैयारियां
यह खबर आयी कि बाला साहब के अंतिम दर्शन शिवाजी पार्क में किये जा सकेंगे, शिवसैनिकों ने वहां तैयारी शुरू कर दी। रात भर में शिवाजी पार्क पर बैरीकेडिंग की गई और पोस्टर बैनर लगाये गये। यहीं पर बाला साहब का अंतिम संस्कार भी किया जायेगा।

रेलवे स्टेशन पर भीड़
बाला साहब के निधन के तुरंत बाद दुकानों के शटर गिरने लगे। लोग घरों की ओर बढ़ने लगे। लोग अपने-अपने घरों की ओर चल पड़े। यह नजारा है रेलवे स्टेशन का जहां लोग लोकल ट्रेन पकड़ने के लिये एकत्र थे।

शिवाजी पार्क पर सुरक्षा बल
यह खबर आयी कि बाला साहब के अंतिम दर्शन शिवाजी पार्क में किये जा सकेंगे, शिवसैनिकों ने वहां तैयारी शुरू कर दी। पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मातोश्री से लेकर माहिम तक और वहां से शिवाजी पार्क तक 20 हजार सुरक्षाबल लगाये गये।

लोगों ने दी श्रद्धांजलि
मुंबई में कई स्थानों पर बाला साहब की तस्वीरों के सामने मोमबत्तियां जलाकर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

रविवार को मुंबई
रविवार को मुंबई के अधिकांश इलाकों का यही हाल था। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। भीड़ दिख रही थी तो सिर्फ बांद्रा, माहिम और दादर में।

बाल ठाकरे की अंतिम यात्रा
बाल ठाकरे की अंतिम यात्रा में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने शिरकत की है। यह तस्वीर उस समय की है, जब यात्रा मातोश्री से निकल कर माहिम की ओर बढ़ रही थी।

पिता को प्रणाम करते उद्धव
अंतिम यात्रा के दौरान अपने पिता बाला साहब को उद्धव ठाकरे प्रणाम कर रहे हैं। वहीं उनके भतीजे राज ठाकरे इस यात्रा को बीच से ही छोड़कर चले आये।

2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़
बाला साहब को श्रद्धांजलि देने के लिये रविवार की दोपहर तक दो लाख से ज्यादा लोग आ चुके थे। शाम तक यह संख्या 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।

शिवाजी पार्क की ओर बढ़ती अंतिम यात्रा
बाला साहब की अंतिम यात्रा इस शिवाजी पार्क की ओर बढ़ रही है। माहिम से दादर तक जाने में इस यात्रा को चार घंटे लग गये।

बाला साहब की अंतिम यात्रा
इस अंतिम यात्रा में जो लाखों की संख्या में लोग आये हैं, उन्हें बुलाया नहीं गया है। ये अपने महान नेता की एक झलक पाने खुद चलकर आये हैं।












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