जब ठाकरे ने कहा कि ..धृतराष्ट्र नहीं हूं मैं..
शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। हमेशा राजनेताओं पर तीखे वार करने वाले बाल ठाकरे ने एक बार कहा था कि वो काले रंग का चश्मा जरूर लगाते हैं लेकिन वो धृतराष्ट्र नहीं है। बाल ठाकरे ने यह तीखी प्रतिक्रिया अपने भतीजे राज ठाकरे के संदर्भ में उस समय कही थी। जिस समय राज ठाकरे ने नाराज होकर शिवसेना से अलग होकर मनसे पार्टी बना ली थी।
बाल ठाकरे पर लगातार उद्धव को सम्मान और राज को तिरस्कार देने के आरोप लग रहे थे जिसके कारण उनको लोगों ने धृतराष्ट्र कहना शुरू कर दिया था इसलिए ठाकरे ने पलटवार करते हुए धृतराष्ट्र वाली बात पर टिप्पणी की थी।
हां इसके कुछ दिनो बाद ठाकरे ने कहा था कि उन्हें अफसोस और दुख है कि राज ठाकरे ने उनका साथ छोड़ दिया। मैं और उद्दव दोनों ही लोग राज ठाकरे की हर बात का समर्थन करते आ रहे थे। उन्होंने वो ही किया जो राज ने किया लेकिन ना जाने किस गुरू ने राज ठाकरे के दिमाग में जहर भर दिया और उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया।मालूम हो कि राज ठाकरे ने साल 2006 में शिवसेना से अलग होकर मनसे नाम से अलग पार्टी बना ली है। खैर इन दिनों चर्चा फिर से गर्म है कि ऱाज ठाकरे और उद्धव फिर से एक हो सकते हैं क्योंकि यही बाला साहब ठाकरे की अंतिम इच्छा थी। खैर आने वाले दिनों में शिवसेना में भारी परिवर्तन आपके देखने के लिए मिल सकता है।













Click it and Unblock the Notifications