मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखेंगे सीसीटीवी कैमरे

सरकार के इस कदम को लेकर उनके मंत्री खासे नाजार हैं वहीं विपक्षी दलों ने इसे निजता भंग करने की बात कहकर आग में घी डालने का काम किया है। उधर सरकार का तर्क है कि इससे प्रशासनिक कामों में पारदर्शिता आएगी तथा लोगों की यह शिकायत दूर होगी कि मंत्रियों के घरों में गलत लोगों को आना जाना है।
सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी सरकार अपनी मंत्रियों पर कड़ाई करने की योजना बना रही है। मंत्रियों पर अंकुश लगाने की नियत से सरकार ने निर्णय लिया है कि मंत्री आवासों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनकी रिकॉर्डिंग मुख्यमंत्री कार्यालय के पास रहेगी।
सपा के मंत्री सरकार के इस कदम से नाराज हैं उनका कहना है कि ऐसा करना गलत होगा क्योंकि इससे उनके जीवन की गोपनीयता समाप्त होती है। कुछ मंत्रियों ने कहा कि इससे उनकी निजता समाप्त होगी। मंत्रियों ने कहा कि ऐसा करने से उनके घर आने जाने वालों की भी गोपनीयता समाप्त हो जाएगी।
जबकि सरकार अपने तर्क दे रही है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी तथा आम लोगों की शिकायतें भी दूर हो जाएंगी कि मंत्री गलत कार्यों में लिप्त हैं। दूसरी ओर सुरक्षा कारणों से भी यह सीसीटीवी कैमरे कारगर शामिल होंगे।
अधिकारियों ने तर्क दिया कि कई मंत्रियों के विभाग संवेदनशील है जिस वजह से उनकी सुरक्षा अतिमहत्वपूर्ण है अत: सीसीटीवी कैमरे उनकी सुरक्षा का एक हथियार साबित होंगे। शहर में एक कन्ट्रोल रूम बनाया जाएगा जिससे सभी कैमरे जुड़े होंगे और वहीं पर सारी रिकॉर्डिंग होगी। रिकॉर्डिंग सीएम कार्यालय भेजी जाएगी।
इस काम में एक मंत्री के घर कैमरा लगाने पर एक लाख से पांच लाख रुपए तक खर्च होंगे। इस बीच विपक्षी दलों कांग्रेस व बीजेपी ने मंत्रियों की ओर बोलना शुरू कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि इससे मंत्रियों की निजता को खतरा है सरकार को यह सब करने की बजाय आम जनता के लिए योजना शुरू करनी चाहिए।












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